शेयर मार्केट की रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के नाम पर अवैध इनवेस्टमेंट एडवाइजरी चलाने वाली संस्थाओं पर अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। रेगुलेटर ने स्टॉक मार्केट ट्रेनिंग देने वाली एक लोकप्रिय स्कूल, 'स्मिता पटेल ग्लोबल स्कूल ऑफ ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड (Asmita Patel Global School of Trading Pvt Ltd) और इससे जुड़े 5 दूसरे संस्थानों से 53.67 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। यह स्कूल शेयर बाजार और इससे जुड़े कई पेड कोर्स संचालित करता है। इनमें "लेट्स मेक इंडिया ट्रेड (LMIT)", "मास्टर्स इन प्राइस एक्शन ट्रेडिंग (MPAT)" और "ऑप्शंस मल्टीप्लायर (OM)" जैसे लोकप्रिय कोर्स शामिल हैं। SEBI ने 42 लोगों की शिकायतों के आधार पर इस स्कूल और इससे जुड़े दूसरे संस्थानों के खिलाफ जांच शुरू की थी।
SEBI ने अस्मिता स्कूल और इससे जुड़े दूसरे संस्थानों से यह भी साफ करने को कहा है कि उनकी ओर से इन पेड कोर्स के नाम पर लिए गए 104.6 करोड़ रुपये क्यों न जब्त किए जाएं।
SEBI के अंतरिम आदेश के मुताबिक, अस्मिता पटेल ग्लोबल स्कूल ऑफ ट्रेडिंग, अस्मिता जितेश पटेल और जितेश जेठालाल पटेल को बिना रजिस्ट्रेशन के इनवेस्टमेंट एडवाइजरी सेवाएं देने से रोका गया है। इन सभी 6 संस्थाओं को शेयर बाजार में किसी भी प्रकार की गतिविधियों से दूर रहने का निर्देश दिया गया है। साथ ही उन्हें ये कारण बताने को कहा गया है कि 104.62 करोड़ रुपये के साथ ब्याज की राशि क्यों न वसूली जाए।
आदेश में SEBI ने नोटिस प्राप्तकर्ताओं से पूछा, " वे कारण बताएं कि उनके खिलाफ कई निर्देश क्यों न पारित किए जाएं और उनसे ब्याज सहित 1,04,62,88,613/- रुपये वापस करने के लिए क्यों नहीं कहना चाहिए।"
कैसे होता था अवैध लेनदेन?
SEBI के फुलटाइम मेंबर कमलेश वर्श्नेय ने अपने आदेश में कहा कि इन स्कूल्स ने छात्रों और निवेशकों को चुनिंदा स्टॉक्स में ट्रेडिंग करने के लिए प्रेरित किया और उनके लिए ट्रेडिंग अकाउंट खोलने की भी सिफारिश की। इन भी छात्रों और निवेशकों एक टेलीग्राम चैनल में जोड़ा गया था, जहां ये स्कूल किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह दिया करते हैं। इन इनवेस्टमेंट एडवाइजरी और रिसर्च एडवाइजरी को शिक्षा मुहैया कराने की आड़ में दिया जा रहा था।
SEBI ने यह भी खुलासा किया कि लोगों से पेड कोर्स के फीस को सीधे स्कूल के खाते में नहीं लिया जाता था। इसकी जगह इन फीस को "किंग ट्रेडर्स" (सागर धनजीभाई), "जेमिनी एंटरप्राइज" (सुरेश परमशिवम) और "यूनाइटेड एंटरप्राइज़" (जिगर रमेशभाई दवाड़ा) के खातों में जमा कराई जाती थी। यह एक नियमित प्रक्रिया थी, न कि केवल एक बार की गई गलती।
SEBI ने साफ कर दिया है कि इन सभी छह संस्थानों को संयुक्त रूप से ₹53.67 करोड़ जब्त करने का आदेश दिया गया है। साथ ही 104.6 करोड़ रुपये की और राशि जब्त करने पर भी विचार किया जा रहा है।
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