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SEBI ने 'अस्मिता पटेल ग्लोबल स्कूल ऑफ ट्रेडिंग' से ₹53.67 करोड़ जब्त किए; ₹104.6 करोड़ की फीस पर भी हो सकती है कार्रवाई

शेयर मार्केट की रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के नाम पर अवैध इनवेस्टमेंट एडवाइजरी चलाने वाली संस्थाओं पर अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। रेगुलेटर ने स्टॉक मार्केट ट्रेनिंग देने वाली एक लोकप्रिय स्कूल, 'स्मिता पटेल ग्लोबल स्कूल ऑफ ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड (Asmita Patel Global School of Trading Pvt Ltd) और इससे जुड़े 5 दूसरे संस्थानों से 53.67 करोड़ रुपये जब्त किए हैं

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Feb 07, 2025 पर 2:42 PM
SEBI ने 'अस्मिता पटेल ग्लोबल स्कूल ऑफ ट्रेडिंग' से ₹53.67 करोड़ जब्त किए; ₹104.6 करोड़ की फीस पर भी हो सकती है कार्रवाई
SEBI ने 42 लोगों की शिकायतों के आधार पर अस्मिता स्कूल और इससे जुड़े दूसरे संस्थानों के खिलाफ जांच शुरू की थी

शेयर मार्केट की रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के नाम पर अवैध इनवेस्टमेंट एडवाइजरी चलाने वाली संस्थाओं पर अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। रेगुलेटर ने स्टॉक मार्केट ट्रेनिंग देने वाली एक लोकप्रिय स्कूल, 'स्मिता पटेल ग्लोबल स्कूल ऑफ ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड (Asmita Patel Global School of Trading Pvt Ltd) और इससे जुड़े 5 दूसरे संस्थानों से 53.67 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। यह स्कूल शेयर बाजार और इससे जुड़े कई पेड कोर्स संचालित करता है। इनमें "लेट्स मेक इंडिया ट्रेड (LMIT)", "मास्टर्स इन प्राइस एक्शन ट्रेडिंग (MPAT)" और "ऑप्शंस मल्टीप्लायर (OM)" जैसे लोकप्रिय कोर्स शामिल हैं। SEBI ने 42 लोगों की शिकायतों के आधार पर इस स्कूल और इससे जुड़े दूसरे संस्थानों के खिलाफ जांच शुरू की थी।

SEBI ने अस्मिता स्कूल और इससे जुड़े दूसरे संस्थानों से यह भी साफ करने को कहा है कि उनकी ओर से इन पेड कोर्स के नाम पर लिए गए 104.6 करोड़ रुपये क्यों न जब्त किए जाएं।

SEBI के अंतरिम आदेश के मुताबिक, अस्मिता पटेल ग्लोबल स्कूल ऑफ ट्रेडिंग, अस्मिता जितेश पटेल और जितेश जेठालाल पटेल को बिना रजिस्ट्रेशन के इनवेस्टमेंट एडवाइजरी सेवाएं देने से रोका गया है। इन सभी 6 संस्थाओं को शेयर बाजार में किसी भी प्रकार की गतिविधियों से दूर रहने का निर्देश दिया गया है। साथ ही उन्हें ये कारण बताने को कहा गया है कि 104.62 करोड़ रुपये के साथ ब्याज की राशि क्यों न वसूली जाए।

आदेश में SEBI ने नोटिस प्राप्तकर्ताओं से पूछा, " वे कारण बताएं कि उनके खिलाफ कई निर्देश क्यों न पारित किए जाएं और उनसे ब्याज सहित 1,04,62,88,613/- रुपये वापस करने के लिए क्यों नहीं कहना चाहिए।"

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