SEBI in Action: बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने नॉन-जेनुईन ट्रेडिंग के मामसे में चार इंडिविजुअल्स पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। ये बीएसई पर इल्लिक्विड स्टॉक ऑप्शन्स में नॉन-जेनुईन ट्रेड कर रहे थे जिसके चलते मंगलवार को सेबी ने यह कार्रवाई की। अलग-अलग जारी आदेश के मुताबिक बाजार नियामक ने मनीष कुमार कनोडिया, सीता देवी अग्रवाल, सीमा चारुल मैशेरी और चंद्राणी दत्ता पर 5-5 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाया है। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEB) को बीएसई पर मामूली लिक्विडिटी वाले स्टॉक ऑप्शन्स सेगमेंट में बड़े पैमाने पर रिवर्सल ट्रेड्स यानी खरीदारी के बाद बिक्री का पता चला।
इस बिक्री के चलते एक्सचेंज पर ऑर्टिफिशियल वॉल्यूम तैयार हुआ। इसे लेकर सेबी ने अप्रैल 2014 से सितंबर 2015 के बीच कुछ एंटिटीज के ट्रेडिंग एक्टिविटीज की जांच शुरू की। सेबी ने जिन चार इंडिविजुअल्स पर जुर्माना लगाया है, वे इन रिवर्सल ट्रेड्स में शामिल थे।
Reversal Trades को लेकर सख्त क्यों है SEBI
बाजार नियामक सेबी के मुताबिक रिवर्सल ट्रेड जेनुईन नहीं होते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इसके तहत कम लिक्विडिटी वाले शेयरों की सामान्य तरीके से ट्रेडिंग की जाती है जिससे ऑर्टिफिशियल वॉल्यूम तैयार होता है और फिर ट्रेडिंग को लेकर गलत रुझान सामने आता है। इसे लेकर ही सेबी सख्त है क्योंकि इसमें जेनुईन वॉल्यूम नहीं रहता है। अब इसी प्रकार की ट्रेडिंग में शामिल होकर कनोडिया, अग्रवाल, मैशेरी और दत्ता ने PFUTP (धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार प्रथाओं का निषेध) नॉर्म्स का उल्लंघन किया जिसके चलते सेबी ने सख्त कार्रवाई की।
एक और सख्त कार्रवाई में रजिस्ट्रेशन ही रद्द
सेबी ने मंगलवार को एक और आदेश जारी किया जिसमें इंडो थाई कमोडिटीज का रजिस्ट्रेशन ही रद्द कर दिया है। इस पर नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (NSEL) पर अवैध पेयर्ड कांट्रैक्ट्स में शामिल होने के चलते यह कार्रवाई की गई है। बता दें कि यह एक्सचेंज अब बंद हो चुका है। सेबी ने ब्रोकिंग फर्म इंडो थाई कमोडिटीज पर कार्रवाई इसलिए की है क्योंकि इसके पेयर्ड कांट्रैक्ट्स के एक्सपोजर के जरिए क्लाइंट्स को एक ऐसे प्रोडक्ट में ट्रेडिंग का रिस्क बन गया जिसे रेगुलेटरी अप्रूवल ही नहीं मिला था।
सेबी का कहना है कि इससे सेबी की छवि को भी खतरे में डाल दिया। इसके चलते सेबी को इंडो थाई कमोडिटीज और कुछ और ब्रोकर्स के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने के लिए बाध्य होना पड़ा। सेबी ने इंडो थाई कमोडिटीज का रजिस्ट्रेशन तीन महीने के लिए रद्द किया है। हालांकि अदालत की कार्रवाई के हिसाब से यह पीरियड बढ़ भी सकता है।