सेबी हुआ पहले से ज्यादा चौकस, म्यूचुअल फंड हाउस के फोन और लैपटॉप पर अचानक मार सकता है छापा

सेबी को जब भी ऐसा लगेगा कि कोई खास शख्स बाजार को प्रभावित कर रहा है तो रेगुलेटर उसके पर्सनल डिवाइस की जांच कर सकता है। लेकिन इसके लिए सेबी को कुछ सबूत देने होंगे जिसके आधार पर कोर्ट जांच और जब्त करने की मंजूरी देगा

अपडेटेड Jul 05, 2024 पर 1:14 PM
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सेबी ने इस जांच को "Thematic inspections" टर्म दिया है

शेयर बाजार में कोई गुपचुप गड़बड़ी तो नहीं कर रहा है, इसकी निगरानी के लिए सेबी अब पहले से ज्यादा चौकस रहेगा। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने मनीकंट्रोल को बताया कि मार्केट से जुड़े लोगों पर कड़ी नजर रखने के लिए सेबी अब औचक निरिक्षण कर सकता है। जिन लोगों पर शक होगा सेबी उनके मोबाइल फोन, आईपैड्स और लैपटॉप जैसे पर्सनल डिजिटल डिवाइस की जांच कर सकता है।

पिछले 12 महीनों में सेबी ने करीब 5 टॉप म्यूचुअल फंड्स के बड़े अधिकारियों के फोन चेक किए हैं। ये जांच क्वांट म्यूचुअल फंड (Quant Mutual Fund) की 28 जून की जांच से अलग है।

सेबी को जब भी ऐसा लगेगा कि कोई खास शख्स बाजार को प्रभावित कर रहा है तो रेगुलेटर उसके पर्सनल डिवाइस की जांच कर सकता है। लेकिन इसके लिए सेबी को कुछ सबूत देने होंगे जिसके आधार पर कोर्ट जांच और जब्त करने की मंजूरी देगा।


इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि सेबी इसे "Thematic inspections" टर्म दिया है। इसके तहत वो अलग-अलग म्यूचुअल फंड्स के रिकॉर्ड चेक करके यह पता लगाने का प्रयास करता है कि ट्रेडर्स, ब्रोकर्स या किसी और को ब्लॉक डील की जानकारी तो नहीं थी।

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