SMEs Stocks: अगर आप SME कंपनियों के शेयर में निवेश करते हैं, तो आपको सतर्क रहने की जरूरत है। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी सेबी (SEBI) ने बुधवार को कहा कि कुछ SME कंपनियों में प्राइस मैनिपुलेशन और धोखाधड़ी के जरिए शेयरों के भाव बढ़ाने की कोशिश देखी गई है, जो चिंता का विषय है। SEBI ने कहा कि कुछ SME कंपनियां या उनके प्रमोटर ऐसे बयान जारी करते हैं, जो उनके बिजनेस की बेहद सुनहरी तस्वीर पेश करते हैं। फिर इसके बाद वे बोनस इश्यू, स्टॉक स्प्लिट और प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट जैसे कई कॉरपोरेट एक्शन करते हैं।
इन कॉरपोरेट एक्शन से शेयर मार्केट में उस स्टॉक को लेकर एक पॉजिटिव माहौल बनता है और निवेशक उसके शेयर खरीदने लगते हैं। इसी दौरान, प्रमोटर्स अपने शेयरों को ऊंची कीमतों पर बेचने का मौका पा जाते हैं, जिसका वो फायदा उठाते हैं। SEBI ने कहा कि निवेशकों को ऐसे पैटर्न से सावधान रहना चाहिए।
बयान में कहा गया है, "SEBI निवेशकों से अपील करता है कि वे ऐसे पैटर्न के प्रति सावधान और सतर्क रहें। साथ ही ऐसे शेयरों में निवेश करते समय सावधानी बरतें। इसके अलावा, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अनवेरिफाइड सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें और टिप्स/अफवाहों के आधार पर निवेश न करें।" SEBI ने कहा कि निवेशकों को समझना चाहिए कि ऐसे ट्रेड वे नुकसान में आ सकते हैं।
SME एक्सचेंज प्लेटफॉर्म की शुरुआत 2012 में हुई थी, ताकि छोटी और उभरती हुई कंपनियों को फंड्स जुटाने का एक वैकल्पिक स्रोत मिल सके। इस प्लेटफॉर्म के जरिए पिछले एक दशक में 14,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए गए हैं, जिसमें से करीब 6,000 करोड़ रुपये सिर्फ वित्त वर्ष 2024 में जुटाए गए।
हाल ही में, दिल्ली की एक छोटी कंपनी रिसोर्सफुल ऑटोमोबाइल का 12 करोड़ रुपये का IPO काफी सुर्खियों में रहा था। इस SME IPO को 12 करोड़ रुपये के बदले में 4,800 करोड़ रुपये की बोली मिली थी। 22 से 26 अगस्त के बीच खुले इस आईपीओ को निवेशकों ने 419 गुना अधिक सब्सक्राइब किया। खास बात यह है कि इस कंपनी के पास दिल्ली में 2 शोरूम है, उसके बावजूद निवेशकों ने इसमें जमकर बोली लगाई।
SEBI की ओर से बार-बार चिंता जताए जाने के बावजूद रिटेल निवेशकों का SMEs शेयरों से फिलहाल मोहभंग होता नहीं दिख रहा है। SEBI के फुलटाइम मेंबर अश्वनी भाटिया ने पिछले हफ्ते चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को SME कंपनियों का ऑडिट करते समय और अधिक सतर्क रहने की सलाह दी थी, ताकि किसी भी प्रकार की वित्तीय हेराफेरी को रोका जा सके। वहीं SEBI चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने मार्च में SME प्लेटफॉर्म पर होने वाली 'प्राइस मैनिपुलेशन' को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने निवेशकों को चेतावनी दी थी कि SME प्लेटफॉर्म की लिस्टिंग और ट्रेडिंग में सावधानी बरतनी चाहिए।