Semiconductor Stocks: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सबसे बड़ा फायदा फिलहाल सेमीकंडक्टर सेक्टर को मिल रहा है। दिग्गज ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, AI के बढ़ते इस्तेमाल से चिप्स और हार्डवेयर की मांग तेजी से बढ़ रही है। इससे 2026 तक ग्लोबल सेमीकंडक्टर रेवेन्यू करीब 49 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।
इससे AI हार्डवेयर मार्केट 700 अरब डॉलर के पार जा सकता है। वहीं, अमेरिका में ही AI निवेश 325 अरब डॉलर बढ़ चुका है। ताइवान से 44.6 अरब डॉलर की शिपमेंट यह दिखाती है कि ग्लोबल डिमांड मजबूत बनी हुई है। इससे सेमीकंडक्टर जैसी इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री को फायदा मिल रहा है।
आइए जानते हैं कि किन भारतीय कंपनियों को सेमीकंडक्टर डिमांड बढ़ने का फायदा मिल सकता है और उन स्टॉक्स पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
डिक्सन टेक्नोलॉजीज भारत की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में से एक है। सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में इसका रोल तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी मोबाइल, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स बनाती है, जहां चिप्स का इस्तेमाल बड़े स्तर पर होता है। अब कंपनी हाई-वैल्यू कंपोनेंट्स और सेमीकंडक्टर असेंबली की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। इससे इसका मार्जिन और ग्रोथ दोनों मजबूत हो सकते हैं।
टाटा ग्रुप की Tata Elxsi चिप डिजाइन और एम्बेडेड सिस्टम्स में मजबूत पकड़ रखने वाली कंपनी है। यह ऑटोमोबाइल, मीडिया और हेल्थकेयर सेक्टर के लिए सॉफ्टवेयर और चिप-संबंधित सॉल्यूशंस तैयार करती है। खासकर ऑटो सेक्टर में ADAS और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के बढ़ते इस्तेमाल के साथ कंपनी की मांग तेजी से बढ़ रही है। इससे यह सेमीकंडक्टर डिजाइन स्पेस में एक मजबूत प्लेयर बनती जा रही है।
CG Power and Industrial Solutions
CG Power अब सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़ा दांव लगा रही है। कंपनी ने भारत में चिप असेंबली और टेस्टिंग (OSAT) प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू किया है। यह कदम भारत के सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के लिए अहम माना जा रहा है। कंपनी का पारंपरिक बिजनेस इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट में है, लेकिन सेमीकंडक्टर में एंट्री इसे नई ग्रोथ स्टोरी दे सकती है।
यह देश की कुछ गिनी-चुनी कंपनियों में से है, जो सीधे चिप डिजाइन (fabless semiconductor) के काम में लगी हैं। कंपनी ASIC डिजाइन, IoT और सेमीकंडक्टर सॉल्यूशंस प्रदान करती है। ग्लोबल क्लाइंट्स के साथ काम करने की वजह से इसे इंटरनेशनल एक्सपोजर भी मिलता है। इससे यह भारत के उभरते सेमीकंडक्टर डिजाइन सेक्टर में अहम भूमिका निभा सकती है।
SPEL सेमीकंडक्टर देश की शुरुआती कंपनियों में से है, जो चिप पैकेजिंग और टेस्टिंग (OSAT) सेवाएं देती है। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में यह एक अहम कड़ी है, क्योंकि डिजाइन के बाद चिप को तैयार और टेस्ट करना जरूरी होता है। भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने के साथ इस तरह की कंपनियों की मांग भी बढ़ सकती है। इससे SPEL के लिए ग्रोथ के नए मौके बन सकते हैं।
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