शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों ने दोपहर तक अपनी काफी बढ़त गंवा दी। सुबह में बाजार मजबूत खुले। सेंसेक्स एक समय 1.3 फीसदी यानी 997.25 अंक चढ़कर 77,910.75 पर पहुंच गया था। निफ्टी भी 1.2 फीसदी यानी 292.75 अंक के उछाल के साथ 24,300 के करीब पहुंच गया था। लेकिन, 1.08 बजे निफ्टी सिर्फ 107 अंक चढ़कर 14,104 पर चल रहा था। सेंसेक्स 354 अंक चढ़कर 77,276 पर था।
कई वजहों से बाजार में आई गिरावट। विधानसभा चुनावों के नतीजों में पश्चिम बंगाल में बीजेपी आगे चल रही है। शुरुआती रुझान में ही बीजेपी ने टीएमसी के खिलाफ बढ़त बना ली थी। 29 अप्रैल को आए ज्यादातर एग्जिट पोल में बीजेपी को पश्चिम बंगाल में ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था। चुनावी नतीजों के रुझान एग्जिट पोल के मुताबिक रहने से बाजार में तेजी देखने को मिली थी। लेकिन, बाजार ने बाद में ज्यादातर तेजी गंवा दी।
इन वजहों से बाजार में आई गिरावट:
शुरआती कारोबार में प्रमुख सूचकांकों में 1 फीसदी से ज्यादा उछाल के बाद इनवेस्टर्स ने ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली की। इससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बन गया। सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी बढ़त का ज्यादातर हिस्सा गंवा दिया।
विदेशी फंड्स भारतीय बाजार में लगातार बिकवाली कर रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने 8047 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। इसका असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ा।
3. बाजार पर भाजपा की जीत का असर नहीं
एनालिस्ट्स का कहना है कि शुरुआत में तो पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बढ़त से बाजार में तेजी देखने को मिली। लेकिन, बाजार का उत्साह जल्द ठंडा पड़ गया। वह अमेरिका-ईरान के बीच तनाव से चिंतित है। जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि बाजार पर विधानसभा चुनावों के नतीजों का असर दिखा था। लेकिन, बाजार ने जल्द समझ लिया कि यह उत्साह कुछ समय के लिए है।
डॉलर के मुकाबले रुपये में 11 पैसे की गिरावट आई। यह गिरकर 94.95 के स्तर पर आ गया। अमेरिका-ईरान के बीच तनातनी जारी रहने का असर रुपये पर दिख रहा है। उधर, ब्रेंट क्रूड भी 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुई है।
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