मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services) के रिसर्च एंड इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज हेड गौतम दुग्गड़ (Gautam Duggad) का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार ने वित्त वर्ष 2023 की जुलाई-सितंबर तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। इस अवधि में कॉर्पोरेट इंडिया के मजबूत प्रदर्शन से बाजार को अच्छा सपोर्ट मिला है।
CNBC TV18 के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "जुलाई-सितंबर तिमाही हमारे अनुमान से थोड़ा बेहतर रही। इस अवधि में कुछ ऐसे कारक रहे जिन्होंने बाजार को सपोर्ट दिया।" उन्होंने आगे कहा "उदाहरण के लिए, हम उम्मीद कर रहे थे कि इस अवधि में निफ्टी की अर्निंग (कमाई) सपाट रहेगी। लेकिन दूसरी तिमाही में निफ्टी का वास्तविक प्रदर्शन ज्यादा बेहतर रहा और इसमें लगभग 9 फीसदी की बढ़त देखने को मिली।"
गौरतलब है कि अच्छी शुरूआत के बाद बाजार में आज दबाव देखने को मिल रहा है। लेकिन फाइनेंशियल सेक्टर फुल जोश में हैं। बैंक निफ्टी ने आज नया शिखर छुआ है। इधर दिग्गजों के मुकाबले मिडकैप-स्मॉलकैप में भी ज्यादा रौनक है। 12:05 बजे दोपहर के आसपास सेंसेक्स 124.13 अंक यानी 0.20 फीसदी की बढ़त के साथ 61,543.09 के स्तर पर दिख रहा था। वहीं, निफ्टी 33.90 अंक यानी 0.19 फीसदी की बढ़त के साथ 18277 के आसपास दिख रहा था।
FY23 में निफ्टी में 14 फीसदी ग्रोथ मुमकिन
दुगड़ ने FY23 के लिए अपना अनुमान बताते हुए कहा कि इस अवधि में कंपनियों की अर्निंग में लगभग 2.5 फीसदी की बढ़त देखने को मिल सकती है। जबकि इस अवधि में निफ्टी में 14 फीसदी ग्रोथ देखने को मिल सकती है। बैंकिंग सेक्टर पर बात करते हुए गौतम दुगड़ ने कहा कि ऐसे समय में जब ग्लोबल मार्केट कई मोर्चों पर संघर्ष कर रहे हैं। उस समय भारत में निवेशकों को सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों बैंकों की तरफ से अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला है। आगे भी बैंकिंग सेक्टर की मजबूती कायम रहने की उम्मीद है। ऐसे में इस सेक्टर में निवेश बनाए रखना चाहिए।
पीएसयू बैंकों में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करने से बचें
उन्होंने यह भी कहा कि पीएसयू बैंकों ने पिछले 12-18 महीनों में निजी बैंकों से बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने पीएसयू बैंकों के क्रेडिट चक्र (credit cycle) में विसंगतियों ( inconsistencies)को देखते हुए निवेशकों को इनको लेकर सतर्क रहने की भी सलाह दी है। गौतम दुगड़ की राय है कि इस बात को ध्यान में रखते हुए पीएसयू बैंकों में तिमाही दर तिमाही आधार पर अपना निवेश निर्णय लें। उनका मानना है कि पीएसयू बैंकों में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश नहीं करना चाहिए। दुग्गड़ ने यह भी कहा कि कंपनियों के वैल्यूएशन से वर्तमान स्थित का सही पता नहीं चल रहा है। इसके अलावा अब तक ब्याज दरों में 200 बेसिस प्वाइंट (2 फीसदी) की बढ़त हो चुकी है। ऐसे में पिछले 12 महीनों के दौरान भारतीय बाजार के बारे में उनका नजरिया सतर्कता का रहा है।
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