Services PMI : आज आए आंकड़ों के मुताबिक भारत का एसएंडपी ग्लोबल इंडिया सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) जुलाई के 62.3 से गिरकर अगस्त में 60.1 पर आ गया है। ये देश में सर्विस सेक्टर की ग्रोथ में थोड़ी मंदी आने का संकेत है। हालांकि, कुल मिलाकर स्थितियां मजबूत बनी हुई है। इस अवधि में सर्विस सेक्टर का एक्सपोर्ट रिकॉर्ड ऊंचाई पर रहा और सर्विसेज पीएमआई इंडेक्स लगातार 25वें महीने 50 अंक से ऊपर रहा। एसएंडपी ग्लोबल के सर्वे से यह भी पता चला कि सितंबर 2014 के बाद से सर्विस सेक्टर में विदेशी मांग सबसे ज्यादा रही है। बताते चलें कि अगर PMI आंकड़ा 50 के ऊपर होता है तो यह माना जाता है कि कारोबारी गतिविधियों में ग्रोथ हुई है। वहीं अगर ये आंकड़ा 50 के नीचे रहता है तो यह माना जाता है कि कारोबारी गतिविधियों में संकुचन आया है।
सर्विस सेक्टर में अगस्त में भी जारी रहा विस्तार
जुलाई में 62.3 से गिरकर अगस्त में 60.1 पर आने के बावजूद, देश का सीजनली एडजस्टेड एसएंडपी ग्लोबल इंडिया सर्विसेज पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स 2010 के मध्य के बाद से सर्विस सेक्टर के आउटपुट में सबसे मजबूत बढ़त के संकेत दे रहा है। आज आए आंकड़े बताते हैं कि भारत के सर्विस सेक्टर में अगस्त में भी विस्तार जारी रहा, लेकिन जुलाई की तुलना विस्तार की गति थोड़ी धीमी रही।
विज्ञापन और सर्विसेज की मजबूत मांग
एसएंडपी ग्लोबल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि विज्ञापन और सर्विसेज की मजबूत मांग के चलते अगस्त में देश में सर्विस सेक्टर में ग्रोथ देखने को रही है। हालांकि ये ग्रोथ जुलाई की तुलना में नरम रही। अगस्त में महीने में इस सेक्टर के सेल्स ग्रोथ 13 सालों के टॉप पर रही है। सेक्टर के विस्तृत आंकड़ों से पता चला कि अगस्त में फाइनेंश और बीमा ने फिर से कुल नए कारोबार और उत्पादन दोनों में लीड किया है।
कम्पोजिट पीएमआई जुलाई के 61.9 से गिरकर 60.9 के स्तर पर रही
बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही एसएंडपी ग्लोबल ने अगस्त के मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई आंकड़े भी जारी किए थे। जिसके मुताबित अगस्त में देश की मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई जुलाई के 57.7 से बढ़कर 58.6 के स्तर पर रही है। ऐसे में देंखे तो मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज इंडेक्स का योग कम्पोजिट पीएमआई जुलाई के 61.9 से गिरकर 60.9 के स्तर पर आ गया है।