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Shankar Sharma: दिग्गज इनवेस्टर शंकर शर्मा ने Elon Musk की इंडिया में एंट्री पर उठाए सवाल, पूछा-आखिर मस्क को फ्री पास क्यों मिल रहा?

दिग्गज स्टॉक इनवेस्टर शंकर शर्मा ने कहा कि 1991 में इंडियन इकोनॉमी को ओपन करने के फैसले के बाद विदेशी पूंजी और विदेशी टेक्नोलॉजी पर इंडिया की निर्भरता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि आज एक भी ऐसी इंडियन कंपनी नहीं है, जिसकी अमेरिका, यूरोप और एशिया तो छोड़ दीजिए, दक्षिण एशिया तक में बादशाहत नहीं है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 25, 2025 पर 11:38 AM
Shankar Sharma: दिग्गज इनवेस्टर शंकर शर्मा ने Elon Musk की इंडिया में एंट्री पर उठाए सवाल, पूछा-आखिर मस्क को फ्री पास क्यों मिल रहा?
शंकर शर्मा ने कहा कि भारतीय कंपनियां विदेशी कंपनियों के साथ ज्वाइंट वेंचर बनाने में जल्दबाजी करती हैं, उन्हें कैपिटल और टेक्नोलॉजी के बदले इंडियन मार्केट में एक्सेस देती हैं।

दिग्गज इनवेस्टर शंकर शर्मा ने एलॉन मस्क की इंडिया में एंट्री पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि आखिर मस्क को इतनी आसानी से इंडिया में आने की इजाजत क्यों मिल गई है? उनका इशारा मस्क की कंपनी स्टारलिंक की इंडिया में एंट्री से था। स्टारलिंक ने इंडियन मार्केट में एंट्री के लिए पहले भारती एयरटेल और फिर जियो प्लेटफॉर्म से समझौता किया। स्टारलिंक इंडियन टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिलकर इंडिया में सैटेलाइट आधारित टेलीकाम सेवाएं ऑफर करेगी।

आर्थिक उदारीकरण के बाद विदेशी पूंजी और टेक्नोलॉजी पर निर्भरता बढ़ी

Shankar Sharma ने 1991 में इंडियन इकोनॉमी (Indian Economy) को ओपन करने के सरकार के फैसले की तारीफ की। लेकिन, उन्होंने कहा कि इसके बाद से इंडियन इकोनॉमी की तेज ग्रोथ के लिए विदेशी टेक्नोलॉजी और विदेशी पूंजी पर निर्भरता बढ़ी है। एक पॉडकॉस्ट में ऋषि सिंघवी के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि इसने (आर्थिक उदारीकरण) भारतीय कंपनियों को बहुत आलसी और आसान रास्ता दे दिया। उन्होंने कहा कि आपको सिर्फ ज्वाइंट वेंचर बनाना है, जिसके बाद आपको कैपिटल मिल जाएगा, टेक्नोलॉजी मिल जाएगी...और आपकी जिंदगी आसान हो जाएगी। आज तक हमारी कंपनियां सिर्फ यही करती आई हैं।

एक भी इंडियन कंपनी नहीं, जिसकी विदेश में बादशाहत है

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