Share Markets: शेयर बाजार की इन 3 कारणों से अचानक वापसी, सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 1,900 अंक उछला

Share Market Recovery: भारतीय शेयर बाजारों में गुरुवार 2 अप्रैल को दोपहर बाद तेज रिकवरी देखने को मिली। सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 1,900 अंकों तक उछलकर हरे निशान में आ गया। वहीं निफ्टी ने दोबारा 22,700 के स्तर को हासिल कर लिया। यह रिकवरी निचले स्तर पर खरीदारी और रुपये में मजबूती के चलते आई

अपडेटेड Apr 02, 2026 पर 3:38 PM
Story continues below Advertisement
Share Markets: भारतीय रुपये में गुरुवार को पिछले 12 साल की सबसे बड़ी उछाल देखने को मिली

Share Market Recovery: भारतीय शेयर बाजारों में गुरुवार 2 अप्रैल को दोपहर बाद तेज रिकवरी देखने को मिली। सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 1,900 अंकों तक उछलकर हरे निशान में आ गया। वहीं निफ्टी ने दोबारा 22,700 के स्तर को हासिल कर लिया। यह रिकवरी निचले स्तर पर खरीदारी और रुपये में मजबूती के चलते आई। हालांकि इस रिकवरी के बावजूद अभी भी दोनों इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।

दोपहर 3:15 बजे के करीब, सेंसेक्स 314.56 अंक या 0.43% बढ़कर 73,448.88 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 80.15 अंक या 0.35% बढ़कर 22,759.55 पर था। कारोबार के दौरान यह एक समय 71,545.81 के स्तर तक फिसल गया था। वहीं निफ्टी लगभग 15.95 अंक या 0.070% बढ़कर 22,695.35 के स्तर पर था। यह भी कारोबार के दौरान 22,200 के भी नीचे फिसल गया था।

शेयर बाजार की इस अचानक वापसी के पीछे 3 बड़े कारण रहे-


1. निचले स्तर पर खरीदारी

सेंसेक्स और निफ्टी आज 2 अप्रैल को शुरुआती कारोबार में 2% से ज्यादा लुढ़क गए। लेकिन बाद में निवेशकों ने वैल्यू बाइंग यानी निचले स्तरों पर खरीदारी शुरू की, जिससे बाजार में रिकवरी आई। इसके चलते निफ्टी मिडकैप इंडेक्स अपने दिन के सबसे निचले स्तर से करीब 2.3% ऊपर आ गया।

आईटी और टेक कंपनियों के शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी दिखी। LTIMindtree के शेयर 2% से ज्यादा चढ़े और कोफोर्ज के शेयर लगभग 3% तक उछल गए। वहीं KPIT टेक्नोलॉजीज में हल्की बढ़त देखी गई। परसिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर भी 2% तक बढ़ गए।

सेक्टरल इंडेक्स की बात करें तो Nifty IT ही इकलौता ऐसा सेक्टर रहा, जिसमें अधिकतर शेयर हरे निशना में थे। निफ्टी आईटी इंडेक्स कारोबार के दौरान 1.76% तक उछल गए। बाकी सभी सेक्टरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, लेकिन सभी दिन के अपने निचले स्तर से कुछ ऊपर आए थे।

2. रुपये में मजबूती

भारतीय रुपये में गुरुवार को पिछले 12 साल से भी ज्यादा समय की सबसे बड़ी उछाल देखने को मिली। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आरबीआई ने रुपये के कमजोर एक्सचेंज रेट के खिलाफ सट्टेबाजी पर सख्ती बढ़ा दी। बैंकों की लोकल पोजीशन पर लिमिट कड़ा करने के बाद अब विदेशी डेरिवेटिव्स पर सख्ती बढ़ा दी गई है।

गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले लगभग 2% उछलकर 92.8725 के स्तर तक पहुंच गया। यह सितंबर 2013 के बाद की इसकी सबसे बड़ी उछाल है। दिलचस्प बात यह है कि जब आसपास के कई देशों की करेंसी कमजोर हो रही थीं, तब भी रुपया मजबूत हुआ। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण ईरान के साथ जंग खत्म करने की कोई स्पष्ट समय-सीमा नहीं बताई।

3. तकनीकी कारण

टेक्निकल एनालिस्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 22,220 के ऊपर बना रहता है, इनवेस्टर्स लॉन्ग पोजिशन के लिए जा सकते हैं।

यह भी पढ़ें- Ola Electric Shares: ओला इलेक्ट्रिक के शेयर दो दिन में 23% उछले, कंपनी ने दी ये बड़ी जानकारी

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।