10 अप्रैल को शेयर बाजार में तेजी लौट आई है। मजबूत वैश्विक संकेतों और फाइनेंशियल व साइक्लिकल शेयरों में खरीदारी के दम पर बाजार ने हरे निशान में वापसी की। सेंसेक्स 489 अंकों से ज्यादा की बढ़त के साथ 77,121.01 पर खुला। इसी तरह निफ्टी भी 105 अंकों से ज्यादा की बढ़त के साथ 23,880.55 पर खुला। खुलने के कुछ पलों के अंदर ही सेंसेक्स ने पिछली क्लोजिंग से 630.08 अंकों की तेजी देखी और 77,261.73 के हाई तक चला गया। मार्केट की ओपनिंग होने के कुछ पलों के अंदर ही निवेशकों की दौलत में 4,68,542.06 करोड़ रुपये तक का इजाफा देखने को मिला। निफ्टी 203.6 अंक तक बढ़कर 23,978.70 के हाई तक पहुंच गया।
गुरुवार, 9 अप्रैल को आई गिरावट से सेंसेक्स पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 4,44,79,150.90 करोड़ रुपये पर आ गया था। शुक्रवार को मार्केट खुलने के कुछ ही पलों के अंदर यह बढ़कर 4,49,47,692.96 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। गुरुवार को सेंसेक्स 931.25 अंक या 1.20 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 76,631.65 पर बंद हुआ। निफ्टी 222.25 अंक या 0.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,775.10 पर बंद हुआ।
गुरुवार से पहले शेयर बाजार में लगातार 5 कारोबारी सत्रों में तेजी दर्ज की गई थी और बुधवार को यह जोरदार रही थी। सेंसेक्स 2,946.32 अंक या 3.95 प्रतिशत बढ़कर 77,562.90 पर और निफ्टी 873.70 अंक या 3.78 प्रतिशत बढ़कर 23,997.35 पर बंद हुआ था।
वैश्विक बाजारों की बात करें तो अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त में और यूरोपीय बाजार गिरावट में बंद हुए हैं। एशियाई बाजारों में तेजी है। जापान के निक्केई और दक्षिण कोरिया के कॉस्पी में 1.8 प्रतिशत की तेजी है। ताइवान वेटेड 1.4 प्रतिशत चढ़ा है। जकार्ता कंपोजिट में 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दिख रही है। हेंग सेंग और सेट कंपोजिट 1 प्रतिशत चढ़े हैं।
रुपये में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में तेजी है। यह 6 पैसे मजबूत होकर 92.45 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। 9 अप्रैल को रुपया लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ था। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में यह अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 3 पैसे की मामूली तेजी के साथ 92.51 पर पहुंच गया। इससे पहले 8 अप्रैल को यह 52 पैसे चढ़ा था।
वहीं कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बरकरार है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 58 सेंट या 0.60 प्रतिशत बढ़कर 96.50 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर्स 49 सेंट या 0.50 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 98.36 डॉलर प्रति बैरल हो गया। ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर अनिश्चितता बरकरार है। इससे कच्चे तेल में फिर से उबाल देखा जा रहा है।
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