Share Market this week: भारतीय बाजार ने पिछले हफ्ते की गिरावट को मिटा दिया। ऑटो, ऑयल एंड गैस और बैंकिंग शेयरों में तेजी के चलते एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त हासिल की। बाजार को पॉजिटिव ग्लोबल मार्केट्स, अनुकूल घरेलू मुद्रास्फीति आंकड़ों से सहारा मिला। इसके अलावा भारतीय कंपनियों के अंतिम चरण में जारी हो रहे तिमाही नतीजों के अच्छे रहने से अंभी बाजार को सपोर्ट मिला। इस हफ्ते निफ्टी 258.2 अंक या 1.18 प्रतिशत बढ़कर 22,040.70 पर बंद हुआ। जबकि बीएसई सेंसेक्स 831.15 या 1.16 प्रतिशत बढ़कर 72,426.64 पर बंद हुआ।
BSE Small-cap इंडेक्स सपाट नोट पर बंद हुए। इसमें शामिल जुबिलेंट इंडस्ट्रीज, मैंगलोर रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल्स, फोर्स मोटर्स, नैटको फार्मा, टाइम टेक्नोप्लास्ट, 63 मून्स टेक्नोलॉजीज और एचपीएल इलेक्ट्रिक एंड पावर में 21-55 प्रतिशत की वृद्धि हुई। जबकि आईएसजीईसी हेवी इंजीनियरिंग, परमानेंट मैग्नेट्स, सालासर टेक्नो इंजीनियरिंग, धनसेरी वेंचर्स, आंध्रा पेट्रो, कामधेनु वेंचर्स, ओरिएंट ग्रीन पावर कंपनी और विसाका इंडस्ट्रीज में 15-23 प्रतिशत तक गिरावट आई।
BSE Mid-cap इंडेक्स फेडरल बैंक, ऑयल इंडिया, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, पॉलीकैब इंडिया, एम्फैसिस और एमआरएफ में तेजी के चलते 1 प्रतिशत बढ़ा। जबकि एसजेवीएन, भारत फोर्ज, राजेश एक्सपोर्ट्स, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज और आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल में 8-14 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
BSE Large-cap इंडेक्स में महिंद्रा एंड महिंद्रा, बॉश, विप्रो और जाइडस लाइफसाइंसेज की अगुवाई में 1.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। दूसरी ओर, वन 97 कम्युनिकेशंस (पेटीएम) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज में क्रमशः 18 प्रतिशत और 13 प्रतिशत की गिरावट आई।
मार्केट वैल्यू के लिहाज से विप्रो ने इस मामले में सबसे अधिक वृद्धि की। इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति सुजुकी इंडिया का स्थान रहा। दूसरी ओर आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज ने अपना अधिकांश मार्केट कैप गंवा दिया।
सेक्टोरल मोर्चे पर, बीएसई ऑटो इंडेक्स 5 प्रतिशत बढ़ा। बीएसई ऑयल एंड गैस इंडेक्स 3 प्रतिशत बढ़ा। बीएसई एनर्जी इंडेक्स 3 प्रतिशत चढ़ा। दूसरी ओर, बीएसई टेलीकॉम, एफएमसीजी और मेटल इंडेक्स 0.5 प्रतिशत गिरे।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (Foreign institutional investors (FIIs) ने इस हफ्ते बिकवाली बढ़ा दी। उन्होंने 6,237.55 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (Domestic institutional investors (DIIs) ने हफ्ते के दौरान 8,731.60 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदकर बाजार को सपोर्ट प्रदान किया है। हालांकि फरवरी महीने में अब तक FIIs ने 13,917.89 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। जबकि DII ने 17,393.01 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।
भारतीय रुपया 16 फरवरी को समाप्त हुए हफ्ते में 83.01 पर सपाट बंद हुआ। जबकि 9 फरवरी को यह 83.03 पर बंद हुआ था।
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