Stock Market Crash: शेयर बाजार इन 5 कारणों से धड़ाम; सेंसेक्स 1600 अंक टूटा, निफ्टी 23,600 के नीचे

Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजारों में आज 13 अप्रैल को तेज गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1,600 अंकों तक लुढ़क गया। वहीं निफ्टी गिरकर 23,600 के भी नीचे चला गया। अमेरिका-ईरान के बीच शांतिवार्ता नाकाम रहने की खबर के बाद क्रूड ऑयल के दाम एक बार फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चले गए हैं

अपडेटेड Apr 13, 2026 पर 10:10 AM
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Stock Market Crash: ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 7% बढ़कर 102 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया

Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजारों में आज 13 अप्रैल को तेज गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1,600 अंकों तक लुढ़क गया। वहीं निफ्टी गिरकर 23,600 के भी नीचे चला गया। अमेरिका-ईरान के बीच शांतिवार्ता नाकाम रहने की खबर के बाद क्रूड ऑयल के दाम एक बार फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चले गए हैं। इससे शेयर मार्केट के सेंटीमेंट को तगड़ा झटका लगा है। साथ ही ग्लोबल बाजारों से भी आज संकेत कमजोर रहे।

सुबह 9.35 बजे के करीब, बीएसई सेंसेक्स 1,540.53 अंक या 1.99 फीसदी गिरकर 76,009.72 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 465.70 अंक या 1.94 फीसदी गिरकर 23,584.90 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

शेयर बाजार में आज की इस गिरावट के पीछे 5 बड़े कारण रहे-


भू-राजनीतिक चिंताएं

अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई बातचीत बेनतीजा रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी नौसेना खुद ही होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी शुरू कर सकती है। ईरान ने भी झुकने के संकेत नहीं दिए हैं। इससे एक बार फिर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है।

2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 7% बढ़कर 102 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए नकारात्मक हैं, क्योंकि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल खरीदने वाला देश है। इससे देश का राजकोषीय घाटा बढ़ सकता है, महंगाई पर दबाव बन सकता है और आर्थिक ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।

भारत अपनी कुल ऊर्जा जरूरतों का 80% से अधिक हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। युद्ध शुरू होने से पहले देश के इस्तेमाल होने वाले तेल का करीब 40% हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता था।

3. रुपये में कमजोरी

कच्चे तेल को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच 13 अप्रैल को रुपया 55 पैसे की गिरावट के साथ खुला। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर सहमति नहीं बन पाई है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक करने की धमकी दी है। इसका असर यह हुआ कि रुपया डॉलर के मुकाबले 93.28 पर खुला, जो पिछले सत्र के 92.73 के मुकाबले कमजोर स्तर है।

4. कमजोर ग्लोबल सेंटीमेंट

ग्लोबल बाजारों में भी आज “रिस्क-ऑफ” माहौल देखने को मिला। एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट रही। जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 0.4% टूट गया। साउथ कोरिया का कोस्पी 1.4% गिरा और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 लगभग 0.6% फिसलकर कारोबार कर रहा था।

वहीं, अमेरिकी बाजारों के फ्यूचर्स में भी कमजोरी दिखी। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स करीब 1% नीचे रहे, जबकि शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट मिलेजुले रुख के साथ बंद हुआ था।

5. बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली

सोमवार को बैंकिंग शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे बैंक निफ्टी 2% से अधिक गिर गया। पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में भी करीब 3% तक की गिरावट दर्ज की गई।

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