Share Market Down: शेयर बाजार इन 5 कारणों से लुढ़का; सेंसेक्स 600 अंक टूटा, निफ्टी 22,600 के नीचे
Share Market Down: भारतीय शेयर बाजार सोमवार 6 अप्रैल को एक बार फिर दबाव में दिखे। सेंसेक्स और निफ्टी लगातार छह हफ्तों की गिरावट के बाद भी संभल नहीं पाए और लाल निशान में कारोबार करते दिखे। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 600 अंकों तक लुढ़क गया। वहीं निफ्टी गिरकर 22,600 के भी नीचे चला गया
Share Market Fall: शुरुआती कारोबार में निफ्टी के 16 में से 11 सेक्टर लाल निशान में थे
Share Market Fall: भारतीय शेयर बाजार सोमवार 6 अप्रैल को एक बार फिर दबाव में दिखे। सेंसेक्स और निफ्टी लगातार छह हफ्तों की गिरावट के बाद भी संभल नहीं पाए और लाल निशान में कारोबार करते दिखे। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 600 अंकों तक लुढ़क गया। वहीं निफ्टी गिरकर 22,600 के भी नीचे चला गया। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई नई चेतावनी ने बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर बनाए रखा है।
सभी सेक्टोरल इंडेक्सों में भी साफ कमजोरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में निफ्टी के 16 में से 11 सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। मिडकैप इंडेक्स लगभग सपाट रहा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.3 फीसदी की हल्की गिरावट देखने को मिली।
सुबह 10:05 बजे के करीब, सेंसेक्स 561.30 अंक यानी 0.8% गिरकर 72,758.24 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 158.35 अंक यानी 0.7% टूटकर 22,554.75 के स्तर पर आ गया।
शेयर बाजार में आज की गिरावट के पीछे 5 बड़े कारण रहे-
1. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
शेयर बाजार में आज की गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव सोमवार को करीब 109.8 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। तेल की ऊंची कीमतें भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ सकती है, चालू खाता घाटा बिगड़ सकता है और आर्थिक विकास पर असर पड़ सकता है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा, "पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, इसलिए मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। जंग के और तेज होने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर निवेशकों की करीब नजर रहेगी।"
2. पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
ग्लोबल बाजारों में चिंता उस समय और बढ़ गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई चेतावनी दी। ट्रंप ने कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट समेत जरूरी सप्लाई रूट को तय समयसीमा में नहीं खोला गया तो ईरान पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लाइवलॉन्ग वेल्थ के रिसर्च एनालिस्ट और फाउंडर हरिप्रसाद के ने बताया, "ट्रंप के बयान से संकेत मिलता है कि अगर जरूरी सप्लाई रूट फिर से नहीं खोले गए तो पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ सकता है। इस बयान के बाद निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता घटी है और बाजार में सतर्कता बढ़ गई है। फिलहाल क्रूड ऑयल के दाम, बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।"
3. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
शेयर बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली भी है। विदेशी निवेशकों ने गुरुवार को 9,931.13 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। अप्रैल में अब तक विदेशी निवेशक, भारतीय शेयर बाजार से करीब 18,262 करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं। इससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया।
विजयकुमार ने कहा, "मार्च में FPIs ने 1,22,182 करोड़ रुपये की भारी बिकवाली की। यह FPIs की अब तक की सबसे बड़ी मंथली बिकवाली है। जंग जारी रहने, क्रूड के फिर से 100 डॉलर से ऊपर जाने, रुपये में लगातार गिरावट और डॉलर के बढ़ने से FPIs ने यह रिकॉर्ड बिकवाली की।"
4. कमजोर ग्लोबल संकेत
ग्लोबल शेयर बाजारों से भी आज भारतीय बाजारों को कोई सपोर्ट नहीं मिला। S&P 500 और डाउ जोन्स फ्यूचर्स सुबह के कारोबार में लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जो आज अमेरिकी शेयर बाजार के कमजोरी के साथ खुलने का संकेत दे रहे थे।
5. बढ़ती अस्थिरता (India VIX)
शेयर बाजार के निवेशकों में मौजूद 'घबराहट' का संकेत देने वाला इंडेक्स, India VIX सोमवार को करीब 3% बढ़कर 26.24 के स्तर पर पहुंच गया है। VIX में बढ़ोतरी का मतलब है कि निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ रही है, जिससे बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
चार्ट्स से क्या मिल रहे संकेत?
जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि, निफ्टी अगर अपने अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर नहीं रहता है तो इसमें और गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि निफ्टी के लिए 22,525 का स्तर बेहद अहम है। अगर यह स्तर टूटता है तो इंडेक्स 21,900 से 21,600 तक फिसल सकता है। वहीं, ऊपर की ओर 22,770 का स्तर एक मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है।
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