Share Market Crash: शेयर बाजार इन 5 कारणों से धड़ाम! सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी भी 25,500 के नीचे
Share Market Fall: भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार 12 जनवरी को लगातार छठवें दिन भारी गिरावट जारी रखी। बाजार खुलते ही सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक टूट गया। वहीं निफ्टी गिरकर 25,600 के भी नीचे चला गया। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कमजोर ग्लोबल संकेतों के चलते मार्केट का सेंटीमेंट कमजोर रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेज गिरावट देखने को मिली
Share Market Fall: सभी सेक्टोरल इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे
Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार 12 जनवरी को लगातार छठवें दिन भारी गिरावट जारी रखी। बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 700 अंकों तक टूट गया। वहीं निफ्टी गिरकर 25,500 के भी नीचे चला गया। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कमजोर ग्लोबल संकेतों के चलते मार्केट का सेंटीमेंट कमजोर रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेज गिरावट देखने को मिली। यहां तक कि सभी सेक्टोरल इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
सुबह करीब 11:30 बजे, सेंसेक्स 637.05 अंक या 0.76 प्रतिशत गिरकर 82,939.19 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी दो महीने में अपने सबसे निचले लेवल पर 188.25 अंक या 0.73 प्रतिशत गिरकर 25,495.05 पर आ गया था। निफ्टी के 50 में 40 से अधिक स्टॉक नुकसान में ट्रेड कर रहे थे।
शेयर बाजार में आज की इस गिरावट के पीछे 5 अहम कारण रहे-
1. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
शेयर बाजार में हालिया गिरावट के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली है। विदेशी निवेशकों ने शुक्रवार 9 जनवरी को लगातार 5वें दिन बिकवाली की और बाजार से करीब 3,769.31 करोड़ रुपये निकाले। जनवरी महीने में एक दिन छोड़कर, बाकी सभी दिन उन्होंने शेयर बाजार से पैसे निकाले हैं। इस महीने अब तक वे कुल 12,189 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली कर चुके हैं, जिससे बाजार पर लगातार दबाव हुआ है।
2. US फेड के चेयरमैन के खिलाफ जांच शुरू
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने खुलासा किया है कि उनके खिलाफ आपराधिक जांच शुरू हुई है। पॉवेल का कहना है कि उनके खिलाफ आपराधिक जांच इस वजह से शुरू हुई है क्योंकि फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें तय करते समय राष्ट्रपति ट्रंप की प्राथमिकताओं को मानने की बजाय आम लोगों की भलाई को पहले देखा।
इस खबर के आते ही अमेरिकी शेयर मार्केट में खलबची मच गई। वॉल स्ट्रीट के फ्यूचर्स में तेज गिरावट देखने को मिली। नैस्डेक का फ्यूचर्स 200 अंकों तक टूट गया। इसका असर भारतीय शेयर बाजारों पर भी देखने को मिला।
3. अमेरिकी टैरिफ को लेकर अनिश्चितता
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर साफ तस्वीर नहीं होने से बाजार की तेजी पर ब्रेक लग गया है। इसी अनिश्चितता के कारण निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं और घरेलू कंपनियों के नतीजों को लेकर भी उत्साह कम दिख रहा है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ वीके विजयकुमार के मुताबिक, बाजार इस समय भारत से जुड़े मुद्दों और ग्लोबल घटनाओं के दबाव में कमजोर हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर अमेरिकी प्रशासन की उलझी हुई बयानबाजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ा है।
उन्होंने यह भी बताया कि वेनेजुएला से जुड़ी स्थिति, ईरान का संकट और ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के बयान जैसी ग्लोबल भूराजनीतिक घटनाएं भी बाजार की बेचैनी बढ़ा रही हैं।
4. क्रूड के दाम में उछाल
अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव के बीच सोमवार को क्रूड ऑयल के दाम में उछाल देखने को मिला है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 0.26 प्रतिशत बढ़कर 63.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जिससे शेयर मार्केट के लिए सेंटिमेंट और खराब हो गया। भारत क्रूड ऑयल के बड़े खरीदार देशों में से एक है। क्रूड के महंगे होने से देश के इंपोर्ट बिल में इजाफा होता है और महंगाई के मोर्चे पर भी दबाव दिखता है।
5. इंडिया VIX में उछाल
शेयर बाजार के निवेशकों में मौजूद घबराहट का संकेत देने वाला इंडिया वोलैटेलिटी इंडेक्स (India VIX) सोमवार को करीब 8.5 फीसदी तक उछलकर 11.94 पर पहुंच गया। आमतौर पर इंडिया VIX के बढ़ने का मतलब होता है कि निवेशक बाजार में तेज उतार-चढ़ाव की उम्मीद कर रहे हैं और उनके अंदर रिस्क लेने का सेंटीमेंट कम हुआ है।
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