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शेयर बाजार को झटका दे सकते हैं ये 10 बड़े खतरे, HSBC ने किया अलर्ट

Share Market Risk: शेयर बाजार में पिछले कुछ सालों से शानदार तेजी जारी है। लेकिन क्या ये तेजी आगे भी ऐसी ही जारी रहेगी? ब्रोकरेज फर्म HSBC ने इसे लेकर एक रिपोर्ट निकाली है। इस रिपोर्ट में उसने 10 ऐसे जोखिमों के बारे में बताया है, जो शेयर बाजार पर इस समय मडंरा रहे हैं। ये तत्काल खतरे नहीं हैं, लेकिन कुल मिलाकर ये शेयर बाजार की रैली को पटरी से उतार सकते हैं

Vikrant singhअपडेटेड Aug 23, 2024 पर 10:13 PM
शेयर बाजार को झटका दे सकते हैं ये 10 बड़े खतरे, HSBC ने किया अलर्ट
Share Market Risk: नियामकीय अनिश्चितताएं भी शेयर बाजार की तेजी के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं

Share Market Risk: शेयर बाजार में पिछले कुछ सालों से शानदार तेजी जारी है। कोरोना काल के बाद से सिर्फ घरेलू निवेशकों ने शेयर बाजार में 100 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। इससे सेंसेक्स, निफ्टी, मिडकैप, स्मॉलकैप... लगभग सभी इंडेक्स इस समय अपने रिकॉर्ड ऊंचाई पर कारोबार कर रहे हैं। लेकिन क्या ये तेजी आगे भी ऐसी ही जारी रहेगी? ब्रोकरेज फर्म HSBC ने इसे लेकर एक रिपोर्ट निकाली है। इस रिपोर्ट में उसने 10 ऐसे जोखिमों के बारे में बताया है, जो शेयर बाजार पर इस समय मडंरा रहे हैं। ये तत्काल खतरे नहीं हैं, लेकिन कुल मिलाकर ये शेयर बाजार की रैली को पटरी से उतार सकते हैं। ये जोखिम कौन से हैं, आइए इसे जानते हैं-

1. बैंकिंग सिस्टम पर मंडराता तनाव

पिछले कुछ सालों में बैंकों ने अपनी बैलेंस शीट साफ करने में काफी मेहनत की है, जिससे ग्रॉस एनपीए 2017 के 11% से घटकर अब 2.8% पर आ गया है। लेकिन हाल के महीनों में बैंकों ने असुरक्षित पर्सनल लोन में इजाफे के चलते अपने एसेट क्वालिटी पर चिंता जताई है। HSBC के अनुसार, फिलहाल यह खतरा उतना बड़ा नहीं है, लेकिन अगर इसे नजरअंदाज किया गया, तो बैंकिंग सेक्टर के मुनाफे पर बुरा असर पड़ सकता है। याद रहे, भारत की कुल कमाई का एक-तिहाई हिस्सा बैंकों से आता है। अगर इस सेक्टर में कोई बड़ी दिक्कत आती है, तो यह पूरी अर्थव्यवस्था को हिला सकता है।

2. जमा राशि में बढ़ोतरी की चुनौती

दूसरी बड़ी चुनौती है बैंकों के लिए जमा राशि बढ़ाने की जद्दोजहद। भले ही भारतीय शेयर बाजार में बड़े निवेश आता दिख रहा हों, लेकिन फिर भी भारतीय परिवारों की केवल 8% संपत्ति ही शेयर बाजार में लगी है। ज्यादातर पैसा अभी भी सोने, प्रॉपर्टी और बैंक डिपॉजिट्स में है। HSBC के अनुसार, बैंकों का लोन तेजी से बढ़ रहे हैं लेकिन जमा राशि उतनी नहीं बढ़ रही, जिससे बैंकों की ब्याज दरों पर दबाव आ रहा है। अगर यह स्थिति जारी रही, तो क्रेडिट ग्रोथ में गिरावट आ सकती है और बैंकों की कमाई पर असर पड़ेगा।

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