Shivalic Power Control IPO Listing: इलेक्ट्रिक पैनल बनाने वाली शिवालिक पावर कंट्रोल (Shivalic Power Control) के शेयरों की आज NSE के SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 257 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत 100 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी 311 रुपये पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 211 फीसदी का लिस्टिंग गेन (Shivalic Power Control Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह 326.55 रुपये (Shivalic Power Control Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया और इसी पर बंद हुआ यानी कि आईपीओ निवेशक अब 226.55 फीसदी मुनाफे में हैं।
Shivalic Power Control IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस
शिवालिक पावर कंट्रोल के ₹64.32 करोड़ के आईपीओ में निवेशकों ने 24-26 जून के बीच 95-100 रुपये के प्राइस बैंड और 1200 शेयरों के लॉट में पैसे लगाए। इस इश्यू को हर कैटेगरी के निवेशकों का तगड़ा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 257.24 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 170.32 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 436.37 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 230.14 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 64.32 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कैपिटल एक्सपेंडिचर, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, अधिग्रहण, नई मशीनरी की खरीदारी, सिविल कंस्ट्रक्शन और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।
Shivalic Power Control के बारे में
वर्ष 2004 में बनी शिवालिक पावर कंट्रोल इलेक्ट्रिक पैनल बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में पीसीसी पैनल्स, आईएमसीसी पैनल्स, स्मार्ट पैनल्स, एमसीसी पैनल्स, डीजी सिंक्रनाइजेशन पैनल्स, आउटडोर पैनल्स, एचटी पैनल्स, वीएफडी पैनल्स पावर डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड्स, बस डक्ट और एलटी एंड एचटी एपीएफसी पैनल्स हैं। इसके प्रोडक्ट्स का नेपाल, बांग्लादेश, युंगाडा, केन्या, नाइजीरिया और अल्जीरिया समेत 15 से अधिक देशों में निर्यात होता है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2021 में इसे 67.28 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2022 में उछलकर 1.75 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2023 में 7.16 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना 25 फीसदी से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 82.69 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2023-24 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2023 में इसे 7.60 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा और 63.79 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ था।