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Short Call: बेयर्स ने मार्केट पर पकड़ बढ़ाई, Sun Pharma, Zomato और मारुति सुजुकी क्यों सुर्खियों में हैं?

इंडियन मार्केट्स में गिरावट की बड़ी वजह ग्लोबल मार्केट्स की बिकवाली है। खासकर अमेरिकी मार्केट में बिकवाली बढ़ने का असर इंडिया सहित सभी प्रमुख बाजारों पर दिख रहा है। हालांकि, इंडिया में लिक्विडिटी स्ट्रॉन्ग है, जिससे मार्केट में गिरावट को लेकर ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 05, 2024 पर 10:01 AM
Short Call: बेयर्स ने मार्केट पर पकड़ बढ़ाई, Sun Pharma, Zomato और मारुति सुजुकी क्यों सुर्खियों में हैं?
अमेरिका में पिछले महीने तक लगातार चढ़ने वाले सेमीकंडक्टर स्टॉक्स को लेकर सेंटिमेंट अचानक बदल गया है। दरअसल, मार्केट यह समझ गया है कि उसने इन कंपनियों की अर्निंग्स के बारे में ज्यादा अनुमान लगाया था।

ग्लोबल मार्केट्स में बिकवाली बढ़ गई है। इसका असर 5 अगस्त को एशियाई बाजारों पर दिखा। प्रमुख एशियाई बाजार तेज गिरावट के साथ खुले। इंडियन मार्केट्स में भी तेज गिरावट देखने को मिली। अमेरिका में रोजगार के डेटा से बेरोजगारी बढ़ने के संकेत मिले हैं। इस वजह से अमेरिकी बाजारों में गिरावट बढ़ी है। जापान की करेंसी येन में मजबूती की वजह से दूसरे एसेट क्लास में कैरी ट्रेड में पॉजिशन घटा है। इससे भी ग्लोबल मार्केट्स पर दबाव बढ़ा है। मशहूर मार्केट एनालिस्ट रसेल नेपियर ने अपनी रिपोर्ट में पिछले हफ्ते लिखा था कि चीन और जापान की मॉनेटरी पॉलिसी के स्ट्रक्चर में करीब संबंध है। अमेरिका में एसेट्स प्राइसेज में गिरावट आएगी जिससे ज्यादातर निवेशकों को बड़ा झटका लगेगा।

इंडियन मार्केट्स पर भी ग्लोबल बाजार (Global Markets) का असर दिखा। हालांकि घरेलू लिक्विडिटी से बाजार को सपोर्ट मिलेगा। इसके अलावा अमीर निवेशक और म्यूचुअल फंड हाउसेज (Mutual Fund Houses) के पास काफी कैश है। इसलिए कई लोगों का मानना है कि 5-10 फीसदी गिरावट को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। अमेरिका में पिछले महीने तक लगातार चढ़ने वाले सेमीकंडक्टर स्टॉक्स को लेकर सेंटिमेंट अचानक बदल गया है। दरअसल, मार्केट यह समझ गया है कि उसने इन कंपनियों की अर्निंग्स के बारे में ज्यादा अनुमान लगाया था। कुछ ऐसा ही इंडिया में पीएसयू और पावर स्टॉक्स के साथ हो सकता है। Bank Nifty के लिए जुलाई का महीना चैलेंजिंग रहा है। एसबीआई के पहली तिमाही के नतीजे आने के बाद बैंक निफ्टी में कुछ और गिरावट आ सकती है।

Sun Pharma

सन फार्मा का शेयर 1 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी के साथ 2 अगस्त को 1,731 रुपये पर बंद हुआ था। कंपनी ने पहली तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। बेयर्स का कहना है कि कंपनी ने रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर फोकस बढ़ाया है, जिसका असर मार्जिन पर पड़ेगा। एनालिस्ट्स का कहना है कि alopecia की दाव Leqselvi की लॉन्च को लेकर अनिश्चितता की वजह से स्पेशियलिटी ड्रग्स की रेवेन्यू ग्रोथ को लेकर चिंता बढ़ी है। उधर, बेयर्स का मानना है कि स्पेशियलिटी ड्रग सेगमेंट में Sun Pharma की स्थिति मजबूत है। ज्यादा इनवेस्टमेंट्स का मतलब है कि प्रतिद्वद्वी कंपनियों के मुकाबले सन फार्मा की स्थिति मजबूत बनी रहेगी।

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