अमेरिकी शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च के नए आरोपों का असर स्टॉक मार्केट्स पर नहीं पड़ा। इस बार हिंडनबर्ग ने सेबी की चेयरपर्नस माधबी पुरी बुच पर निशाना साधा है। पिछले साल जनवरी में उसने अदाणी ग्रुप पर कई आरोप लगाए थे। हालांकि, मार्केट्स में थकान के संकेत दिख रहे हैं। कीमतें हाई लेवल पर टिक नहीं पा रही हैं, क्योंकि खरीदार ज्यादा कीमत चुकाने के लिए तैयार नहीं दिख रहे। ग्लोबल मार्केट्स में भी इसी तरह के हालात हैं। अब कमोडिटी की कीमतों का असर दिख सकता है। गोल्ड को छोड़ बाकी कमोडिटी संघर्ष करती दिख रही हैं। इसे ग्लोबल डिमांड में सुस्ती का संकेत माना जा रहा है।
