Nifty ने पिछले दो महीनों में काफी उतार-चढ़ाव दिखाया है। पहले निराशा, फिर सावधानी और अब तेजी का मूड दिख रहा है। अभी यह बहुत स्टॉन्ग पॉजिशन में नहीं पहुंचा है, जिसका मतलब है कि इसमें और तेजी की गुंजाइश बची हुई है। बेहतर तिमाही नतीजे, रिकॉर्ड टैक्स कलेक्शंस, RBI के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की कम उम्मीद और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की भारी खरीदारी की वजह से अभी बाजार का पलड़ा बुल्स की तरफ झुका हुआ दिखता है। निफ्टी में 200 अंक की और तेजी आने पर यह सवाल पैदा होगा कि क्या प्रॉफिट की ग्रोथ वैल्यूएशंस को जस्टिफाई करती है।
