स्लीपवेल मैट्रेस बनाने वाली शीला फोम लिमिटेड (Sheela Foam Limited) का स्टॉक 5 अक्टूबर को 9.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ खुला। हालांकि जल्द ही यह संभल गया। इस गिरावट के पीछे अहम वजह है कंपनी को गौतम बुद्ध नगर, ग्रेटर नोएडा के कमिश्नर ऑफ GST इंटेलीजेंस की ओर से मिला कारण-बताओ-कम-डिमांड नोटिस। नोटिस में शीला फोम से 20.26 करोड़ रुपये के टैक्स के साथ 20.26 करोड़ रुपये के जुर्माने प्लस ब्याज की मांग की गई है। BSE पर 5 अक्टूबर को सुबह कंपनी का शेयर अपने पिछले बंद भाव से 9.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1011.05 रुपये पर खुला।
NSE पर शेयर 1,095.95 रुपये पर खुला और कुछ ही पलों में 4 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 1,062.20 पर आ गया। कारोबार खत्म होने पर शेयर 2 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 1084 रुपये पर बंद हुआ है। शीला फोम ने शेयर बाजारों को दी गई सूचना में कहा है कि कारण-बताओ-कम-डिमांड नोटिस केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 16 के तहत जारी हुआ है। नोटिस में कहा गया है कि यह नोटिस ट्रांजिशनल इनपुट क्रेडिट के गलत फायदे और GST से जुड़े गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट दावों से संबंधित है। शीला फोम ने कहा है कि वह निर्धारित समय सीमा के अंदर इस नोटिस पर उचित प्रतिक्रिया दाखिल करेगी। 4 अक्टूबर को, विंरो कमर्शियल इंडिया ने खुले बाजार लेनदेन के माध्यम से शीला फोम में 93 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
हाल ही में शीला फोम अपना QIP (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) लेकर आई थी। इसे 20 सितंबर 2023 को लॉन्च किया गया था। फ्लोर प्राइस 1,133.99 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी का मकसद QIP की मदद से 1200 करोड़ रुपये जुटाना था। शीला फोम ने जुलाई 2023 में Kurl-on एंटरप्राइजेस लिमिटेड और Furlenco Furniture ब्रांड (कंपनी का नाम House of Kieraya Private Limited" या HOK) में कंट्रोलिंग स्टेक खरीदने की घोषणा की थी। शीला फोम में प्रमोटर्स के पास बहुमत 72.95 प्रतिशत हिस्सेदारी है।