कुछ स्मॉलकैप शेयरों में आ सकती है 50-70% तक की गिरावट, पावर और डिफेंस शेयर दिख रहे महंगे : प्रशांत खेमका

प्रशांत खेमका ने कहा कि पिछले 5 महीनों में स्मॉल और मिडकैप शेयरों में काफी तेजी आई है। अगर आप चार्ट देखें को पता चलता है कि इस अवधि में स्मॉल कैप और मिडकैप स्टॉक चंद्रयान को चंद्रमा पर ले जाने वाले रॉकेट की तरह भागे हैं। 28 मार्च के बाद से निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने 44.70 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 37.39 फीसदी बढ़ा है

अपडेटेड Sep 14, 2023 पर 12:15 PM
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स्मॉल कैप के वे सेगमेंट जो सिक्लिकल हैं, जो बहुत ज्यादा लीवरेज्ड हैं और जिनका गवर्नेंस कमजोर है उनमें आगे हमें बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है

व्हाइटऑक कैपिटल मैनेजमेंट (WhiteOak Capital Management) के एमडी और फाउंडर प्रशांत खेमका का कहना है कि स्मॉलकैप कंपनियों के कुछ सेगमेंट में वैल्यूएशन बहुत ज्यादा महंगा हो गया है। अब किसी भी समय इनमें गिरावट की संभावना है। खेमका ने मनीकंट्रोल के साथ एक साक्षात्कार में आगे कहा कि मैन्युफैक्चरिंग, पावर और डिफेंस में कुछ सिक्लिकल और घरेलू इकोनॉमी से जुड़े शेयरों की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं, ऐसे में इनसे दूर रहने में ही भलाई है।

पिछले 5 महीनों में कुछ स्मॉल और मिडकैप शेयरों में आई 100 से 300 फीसदी तक की तेजी

इस बातचीत में खेमका ने कहा कि पिछले 5 महीनों में स्मॉल और मिडकैप शेयरों में काफी तेजी आई है। अगर आप चार्ट देखें को पता चलता है कि इस अवधि में स्मॉल कैप और मिडकैप स्टॉक चंद्रयान को चंद्रमा पर ले जाने वाले रॉकेट की तरह भागे हैं। 28 मार्च के बाद से निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने 44.70 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 37.39 फीसदी बढ़ा है। हालांकि 12 सितंबर को निफ्टी स्मॉलकैप 4.1 फीसदी गिर गया जबकि निफ्टी मिडकैप 3.07 फीसदी नीचे चला गया।


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कुछ स्मॉलकैप शेयरों में  50 से 75 फीसदी तक की गिरावट मुमकिन

इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि स्मॉल कैप के वे सेगमेंट जो सिक्लिकल हैं, जो बहुत ज्यादा लीवरेज्ड हैं और जिनका गवर्नेंस कमजोर है उनमें आगे हमें बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। खेमका के मुताबिक पिछले 4 से 6 महीने में कुछ स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में 100 से 300 फीसदी तक की तेजी आई है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे कुछ शेयरों में हमें अब 50 से 75 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।

प्रशांत खेमका ने स्मॉलकैप और मिडकैप में हाल में दिख रहे उन्माद की तुलना रियल एस्टेट और इंफ्रा कंपनियों में 2006-07 में बने बुलबुले से करते हुए कहा कि 2006-07 के बुलबुले में रियल एस्टेट और इंफ्रा कंपनियों के भाव में अस्वाभाविक फुलाव आ गया है। उस समय सुर्खियों में रही कई कंपनियां तो अब सीन से ही गायब हो गई हैं। कुछ हैं तो भी उनकी पहचान बहुत मजबूत नहीं है। 2006-07 के बुलबुले के बाद रियल एस्टेट और इंफ्रा सेक्टर को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। इसी तरह आज तेजी में दिख रही तमाम स्मॉलकैप कंपनियां काफी नीचे फिसलती दिखेंगी। हालांकि इनमें कुछ अच्छी और बुनियादी तौर पर मजबूत कंपनियां अच्छा प्रदर्शन करती दिख सकती हैं।

उन्होंने आगे कहा कि लार्ज-कैप कंपनियों में ऐसा कोई उन्माद देखने को नहीं मिल रहा है। इस साल अब तक लार्जकैप ने मिड से हाई सिंगल डिजिट रिटर्न दिया है। वहीं, पिछले 6 महीनों में निफ्टी 50 इंडेक्स ने 17.76 फीसदी तेजी दिखाई है।

 

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