Get App

Stock in Focus: 29 एनालिस्ट्स में से किसी ने भी नहीं दी बेचने की सलाह, जेपीमॉर्गन ने भी लगा दिया दांव

Stock in Focus: यहां एक ऐसे स्टॉक की डिटेल दी जा रही है जिसे कवर करने वाले 28 एनालिस्ट्स में से किसी ने बेचने की सलाह नहीं थी और अब जेपीमॉर्गन ने भी इसकी ओवरवेट रेटिंग के साथ कवरेज शुरू कर दी है। चेक करें कि यह स्टॉक कौन-सा है और इसके शेयरों को लेकर ब्रोकरेजेज इतना बुलिश क्यों हैं?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Mar 11, 2026 पर 4:26 PM
Stock in Focus: 29 एनालिस्ट्स में से किसी ने भी नहीं दी बेचने की सलाह, जेपीमॉर्गन ने भी लगा दिया दांव
ब्रोकरेज फर्म जेपीमॉर्गन ने Max Financial Services की ₹2170 के टारगेट प्राइस और ओवरवेट रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है।

Max Financial Services Shares: ब्रोकरेज फर्म जेपीमॉर्गन को इंश्योरेंस सेक्टर पर इतना भरोसा दिख रहा है कि इसने एसबीआई लाइफ, एचडीएफसी लाइफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, एलआईसी और मैक्स फाइनेंशियल की ओवरवेट रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है। हालांकि इनमें से मैक्स फाइनेंशियल की बात करें तो पहले से ही इसे कवर करने वाले 28 एनालिस्ट्स में से किसी ने भी इसे बेचने की सलाह नहीं दी थी बल्कि सभी ने इसे या तो खरीदारी या ओवरवेट रेटिंग दी और अब जब जेपीमॉर्गन ने इसकी कवरेज शुरू की तो ओवरवेट रेटिंग के साथ। इस प्रकार इसे कवर करने वाले सभी 29 एनालिस्ट्स इसे खरीदने की सलाह दे रहे हैं। आज बीएसई पर यह 0.72% की गिरावट के साथ ₹1720.10 पर बंद हुआ है।

Max Financial Services पर क्यों हुआ जेपी मॉर्गन फिदा?

ब्रोकरेज फर्म जेपीमॉर्गन ने मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज की ₹2170 के टारगेट प्राइस और ओवरवेट रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि जीएसटी में छूट से देश में लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर रफ्तार पकड़ रहा है और आम लोगों के बीच भी तेजी से पैठ बना रहा है। बता दें कि इंडिविजुअल लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीज देश में 22 सितंबर, 2025 से जीएसटी से फ्री हो गई हैं। इससे पहले अधिकतर इंडिविजुअल इंश्योरेंस प्रीमियम पर 18% की दर से जीएसटी देनी होती थी लेकिन अब यह हट गई है तो बीमा पॉलिसी लेने की लागत कम हुई है और लोग अब इसे लेने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं।

जेपी मॉर्गन का यह भी कहना है कि पेमेंट व्यवस्था में बदलाव को लेकर इंडस्ट्री में जो चर्चा चल रही है, उससे ग्राहकों और बीमा कंपनियों, दोनों को फायदा होने के आसार दिख रहे हैं। इसकी वजह ये है कि इससे ग्राहकों के लिए लॉन्ग टर्म प्रस्ताव बेहतर होंगे। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि बीमा कंपनियों के मार्जिन इस समय काफी निचले स्तर पर हैं लेकिन प्रोटेक्शन सेल्स में उछाल और पेआउट स्ट्रक्चर के सामान्य होने से इसमें रिकवरी दिख सकती है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक कमीशन में सुधार, टिकाऊ प्रोटेक्शन ग्रोथ, मार्जिन में सुधार और बड़ी बीमा कंपनियों की बढ़ती हिस्सेदारी से बीमा कंपनियों के स्टॉक्स को तगड़ा सपोर्ट मिलेगा।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें