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Stock Market Closed: इलेक्शन के चलते स्टॉक मार्केट में कारोबार बंद, कमोडिटी सेगमेंट में ऐसा रहेगा हाल

Stock Market Closed: स्टॉक मार्केट में आज 20 नवंबर को कारोबार नहीं होगा। इसकी वजह ये है कि आज महाराष्ट्र की अगली विधानसभा के लिए मतदान होने हैं। इस वजह से इक्विटी मार्केट में कारोबार बंद रहेगा। वहीं दूसरी तरफ कमोडिटी मार्केट में सिर्फ मॉर्निंग सेशन ही बंद रहेगा और इवनिंग सेशन यानी शाम 5 बजे से रात 11:30/11:55 तक कारोबार होगा

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Nov 20, 2024 पर 7:44 AM
Stock Market Closed: इलेक्शन के चलते स्टॉक मार्केट में कारोबार बंद, कमोडिटी सेगमेंट में ऐसा रहेगा हाल

Stock Market Closed: स्टॉक मार्केट में आज 20 नवंबर को कारोबार नहीं होगा। इसकी वजह ये है कि आज महाराष्ट्र की अगली विधानसभा के लिए मतदान होने हैं। इस वजह से इक्विटी मार्केट में कारोबार बंद रहेगा। वहीं दूसरी तरफ कमोडिटी मार्केट में सिर्फ मॉर्निंग सेशन ही बंद रहेगा और इवनिंग सेशन यानी शाम 5 बजे से रात 11:30/11:55 तक कारोबार होगा। महाराष्ट्र विधानसभा की बात करें तो यहां 288 विधानसभा सीटें हैं और इन सभी सीटों पर मतदान होना है। मतगणना शनिवार 23 नवंबर को होनी है। एक कारोबारी दिन पहले मार्केट के हाल की बात करें तो शुरुआती शानदार तेजी के बाद दिन के दूसरे हाफ में मार्केट ने काफी तेजी गंवा दी लेकिन सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुआ था।

19 नवंबर को कैसा था मार्केट का हाल

लगातार सात दिनों की गिरावट के बाद स्टॉक मार्केट 19 नवंबर को हरे निशान में बंद हुआ। हालांकि आखिरी घंटे में काफी तेज बिकवाली दिखी। सेंसेक्स की बात करें तो इंट्रा-डे में यह एक बार 1150 प्वाइंट्स से अधिक उछल गया था लेकिन आखिरी घंटे में इसमें करीब 900 अंकों की गिरावट आई। अंत में यह 239 प्वाइंट्स की गिरावट के साथ 77578 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी इसी उठा-पटक के साथ दिन के आखिरी में 23518 पर बंद हुआ। शेयर मार्केट में यह रुझान यूक्रेन के हमले से पलटा जिसने रुस के सीमाई इलाके पर हमला किया।

50 दिन में डूबे ₹50 लाख करोड़! 

शेयर बाजार में आई हालिया गिरावट का सबसे ज्यादा असर सरकारी कंपनियों यानी PSUs पर पड़ा है। पीएसयू कंपनियों ने कुल 15 लाख करोड़ रुपये का नुकसान झेला, जो कुल गिरावट का 31 प्रतिशत है। इसके अलावा, BSE Sensex में शामिल कंपनियों की मार्केट कैप में 13.28 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई, जबकि मिडकैप कंपनियों ने 8.36 लाख करोड़ रुपये और स्मॉलकैप कंपनियों ने 6.87 लाख करोड़ रुपये गंवाए। ओवरऑल 50 दिनों में निवेशकों के 50 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए।

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