Stock Market : भले ही भारतीय शेयर बाजार ने 2022 में दूसरे देशों की तुलना में सबसे अच्छा रिटर्न दिलाने की क्षमता दिखाई है, लेकिन इस बार यह फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (foreign portfolio investors) यानी FPI द्वारा सबसे ज्यादा पैसा निकालने का रिकॉर्ड बनाने के लिए तैयार है। वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों के ब्याज दरों में बढ़ोतरी और रुपये में कमजोरी के साथ कई विदेशी निवेशकों ने साल की दूसरी छमाही में कुछ वापसी से पहले पहली छमाही में स्थानीय शेयर बाजार से बड़े स्तर पर पैसा निकाला है।
2008 के आर्थिक संकट को छोड़ा पीछे
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के डेटा के मुताबिक, एफपीआई ने भारतीय शेयर बाजार से दिसंबर तक 18.1 अरब डॉलर निकाले हैं, जो 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान इनके द्वारा निकाले गए 13.3 अरब डॉलर से अधिक हैं।
हालांकि विदेशी निवेशकों की तरफ से किए गए रिकॉर्ड आउटफ्लो का स्टॉक मार्केट के प्रदर्शन पर खास असर नहीं पड़ा है।
MSCI India ने दिया कितना रिटर्न
ज्यादातर ग्लोबल इनवेस्टर्स और फंड्स द्वारा ट्रैक किए जाने वाले एमएससीआई इंडिया (MSCI India) ने इस साल अभी तक स्थानीय करेंसी में 6.6 फीसदी रिटर्न दिया है। इसके साथ ही 1 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा मार्केट कैपिटलाइजेशन वाले स्टॉक मार्केट में इसका प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है। इसकी तुलना में, MSCI All Country World Index वर्ष 2022 में 17 फीसदी टूट चुका है, वहीं MSCI Emerging Market index इस साल अभी तक 21 फीसदी टूट चुका है।
यूएस डॉलर में देखें तो भी विदेशी निवेशकों के पूंजी निकालने के बावजूद भारतीय बाजार का प्रदर्शन विकसित देशों से बेहतर रहा है। 2022 में अभी तक, डॉलर में निफ्टी 50 (Nifty 50) का रिटर्न 4.3 फीसदी कम रहा। वहीं, S&P 500 में 16 फीसदी और Shanghai Composite में 19 फीसदी की गिरावट रही।
भारत सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला बाजार
FPIs की बिकवाली की भरपाई के लिए तैयार रहते हुए घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की तरफ से रिकॉर्ड इनफ्लो देखने को मिला। इस साल अभी तक, DIIs ने स्थानीय स्टॉक मार्केट में कुल 30 अरब डॉलर की खरीदारी की है।
Marcellus Investment Managers के फाउंडर प्रमोद गुब्बी ने कहा, बीते साल के दौरान या अभी तक, भारत फंडामेंटली अच्छा नजर आ रहा है। मार्केट अगले 3 से 5 साल के दौरान भारत की अच्छी इकोनॉमिक ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है।