Stock Market Insight : मार्केट में इस समय तमाम चुनौतियां देखने को मिल रही हैं। कच्चा तेल 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया है। डॉलर 96 पर दिख रहा है। एफआई की लगातार सेलिंग बनी हुई है। इन सब के बावजूद बाजार टिकने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में क्या मार्केट में इन लेवल्स अपॉर्चुनिटी है? इस पर बात करते हुए कोटक महिंद्रा एएमसी के सीआईओ इक्विटी हर्षा उपाध्याय ने कहा कि अगर आप ओवरऑल मार्केट का मूड देखते हैं तो यह थोड़ा बहुत मजबूती दिखाने की कोशिश कर रहा है। हमें आमतौर पर देखने को मिलता है कि क्राइसिस खत्म होने से पहले ही मार्केट्स बॉटम आउट होते हैं।
इस नजरिए से देखें तो इस बात की उम्मीद बनी हुई है कि कहीं ना कहीं अगले कुछ हफ्तों में सप्लाई को लेकर जो दिक्कत बनी है वह दूर हो सकती है। कुछ हफ्ते में हॉर्मुज का संकट खत्म हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो शायद जैसे हमने पहले देखा है मार्केट का बॉटम सस्टेन करेगा और यहां से तेजी आएगी। लेकिन आज के दिन में किसी भी बात का अनुमान लगाना मुश्किल है। इस बात को ध्यान में रखते हुए हमें लेवल्स से ज्यादा वैल्यू्यूएशंस पर फोकस करना चाहिए।
अगर आप वैल्यू्यूएशंस देखेंगे तो लार्ज कैप और मिड कैप दोनों सेगमेंट में वैल्यू्यूएशंस पिछले 10 साल के एवरेज के हिसाब से काफी ठीक-ठाक लेवल पर आ चुके हैं। ऐसे में हमें लगता है कि इन वैल्यूएशन पर एक अच्छा खासा डवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बन सकता है। शॉर्ट टर्म में क्या होगा ये बोलना मुश्किल है।लेकिन अगर आप बाजार में लंबे नजरिए से बने रहते हैं तो यहां से अच्छा खासा वेल्थ क्रिएशन हो सकता है।
बैंक शेयरों पर पॉजिटिव व्यू
बैंक शेयरों पर बात करते हुए हर्षा उपाध्याय ने कहा कि बैंक शेयरों पर उनका व्यू काफी पॉजिटिव रहा है। उन्होंने बताया पिछले साल उनके ज्यादातर पोजीशंस एनबीएफसी और पब्लिक सेक्टर बैंक्स में थे। पिछले 6-8 महीने में उन्होंने प्राइवेट सेक्टर बैंक्स में वैल्यू्यूएशंस जैसे-जैसे अच्छे नजर आए वहां पर पोजीशंस बनाए हैं। उनका कहना है कि बैंक सेक्टर के लिए जो नेगेटिव्स थे वो अब खत्म हो रहे हैं। पिछले 5-6 महीने क्रेडिट ग्रोथ में सुधार हो रहा है। यह अब 15-16% के आसपास आ चुका है। नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ में मजबूती की उम्मीद है। बैंकिंग सेक्टर और खास कर प्राइवेट बैंक्स पर इंटरेस्ट रेट कट्स का निगेटिव असर पड़ रहा था। रेपो रेट कट्स के वजह से इनके नेट इंटरेस्ट मार्जिनस पर दबाव था। लेकिन अब आगे इंटरेस्ट रेट कट्स की कोई गुंजाइश नहीं है। ऐसे में लगता है प्राइवेट बैंकों के मार्जिन पर जो प्रेशर है था वो भी नहीं रहना चाहिए। ऐसे में प्राइवेट बैंक में बेहतर ग्रोथ दिखनी चाहिए और इनके मार्जिनस भी सस्टेन करने चाहिए। वैल्यू्यूएशन की बात करें तो काफी कुछ वैल्यू्यूएशंस में डिस्काउंट हो चुका है। मीडियम टू लॉन्ग टर्म में इस सेक्टर की अर्निंग में सुधार होगा। इनकी एसेट क्वालिटी को लेकर भी कोई डर नहीं है। ऐसे में बैंक शेयरों पर पॉजिटिव नजरिया बना हुआ है।
मध्यम अवधि के लिए स्पेशलिटी केमिकल थीम बेहतर, आईटी में एग्रेसिव कॉल लेने से बचें
आईटी सेक्टर पर अपनी राय जाहिर करते हुए हर्षा उपाध्याय ने कहा कि इस सेक्टर पर उनका व्यू निगेटिव है। इस सेक्टर पर एआईआई डिसरप्शन की काफी चर्चा हो रही है। लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि इसका कितना असर होगा। यह स्थिति साफ होने पर इनके वैल्यूएशन पर और असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पोर्टफोलियो में कुछ आईटी स्टॉक्स हैं। इस पूरे सेक्टर के वैल्यू्यूएशन ठीक-ठाक हो चुके हैं। ऐसे में जहां पर आउटलुक ठीक-ठाक लगता है,मैनेजमेंट गाइडेंस में कॉन्फिडेंस दिख रहा है वहां ग्रोथ की संभावना है। लेकिन IT सेक्टर पर अभी भी एग्रेसिव कॉल नहीं लेने की सलाह होगी। उन्होंने आगे कहा कि स्पेशलिटी केमिकल सेगमेंट में प्राइसिंग सुधर रही है। मध्यम अवधि के लिए स्पेशलिटी केमिकल थीम बेहतर लग रही है।
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