Stock market news : एनालिस्ट के मुताबिक,इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से आगे चलकर मार्केट पर दबाव पड़ सकता है और कुछ बिकवाली हो सकती है। वेल्थमिल सिक्योरिटीज की इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रांति बथिनी ने कहा,"बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन से आम तौर पर मार्केट में नेगेटिविटी और सेलिंग प्रेशर पैदा होता है। इसलिए शुरुआती रिएक्शन नेगेटिव रहने की संभावना है।"
उन्होंने कहा कि मार्केट की नजर इस बात पर रहेगी क्या यह लड़ाई लंबे समय तक चलेगी या यह एक शॉर्ट-टर्म मिलिट्री एक्शन ही रहेगा। इससे यह तय होगा कि इसका असर कितना होगा।
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई हैं। इस लड़ाई से होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले ट्रेड में रुकावटों की चिंता है। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारत,जो एक बड़ा तेल इंपोर्टर है,उसके लिए एनर्जी की बढ़ी हुई कीमतें पहले से ही कमज़ोर रिस्क वाले माहौल में एक और मैक्रोइकोनॉमिक दबाव बनाएंगी।
क्रांति बथिनी ने कहा,"बड़ा सवाल यह है कि आने वाले हफ़्तों में यह बढ़ोतरी कैसे होगी। यह बहुत जानना ज़रूरी है। अभी,कच्चा तेल लगभग 67 डॉलर प्रति बैरल है और यह पहले ही लगभग 2 फीसदी बढ़ चुका है। कच्चे तेल की कीमतों में कोई और तेज़ी शॉर्ट से मीडियम टर्म में भारतीय बाज़ारों पर और दबाव डालेगी।"
बथिनी ने आगे कहा,"भारत के लिए,कच्चा तेल बहुत अहम है। हमें कच्चे तेल की कीमतों पर करीब से नज़र रखने की ज़रूरत है। अगर कच्चे तेल की कीमतें तेज़ी से बढ़ती हैं और मान लीजिए कि ये 80 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली जाती हैं तो इसका भारतीय बाज़ारों पर बड़ा बुरा असर पड़ सकता है।" कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ेगी,जिसका असर सभी सेक्टरों पर पड़ेगा। हालांकि,कुछ सेक्टरों पर इसका असर तुरंत दिखेगा।
पोनमुडी आर ने कहा कि आने वाले हफ़्ते में बहुत ज़्यादा उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से US और ईरान के बीच सीधे टकराव और गंभीर होने खतरा बढ़ रहा है। आमतौर पर ऐसे माहौल में शॉर्ट टर्म में,एनर्जी और डिफेंस स्टॉक्स को सपोर्ट मिलता है। गोल्ड और US ट्रेजरी जैसे सेफ हेवन में भी निवेश बढ़ता है।
इसके विपरीत,एविएशन,लॉजिस्टिक्स,कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी और रेट-सेंसिटिव स्टॉक्स में उतार-चढ़ाव आ सकता है क्योंकि ज़्यादा इनपुट कॉस्ट और पॉलिसी की अनिश्चितता से सेंटिमेंट पर असर पड़ता है। वहीं, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों,एविएशन,पेंट्स,ऑटो और लॉजिस्टिक्स को मार्जिन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलाव ग्लोबल बाजार में जोखिम से बचने की भावना बढ़ने के कारण IT स्टॉक्स में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
दूसरी तरफ, PMS AIF WORLD द्वारा ऑर्गनाइज़ किए गए क्रिस्टल गेजिंग समिट में बोलते हुए, स्टैलियन एसेट के अमित जेसवानी ने कहा कि मार्केट "इतने स्मार्ट हैं कि इसे नज़रअंदाज़ नहीं करेंगे।" उन्हें मार्केट में ज़्यादा कमज़ोरी की उम्मीद नहीं है। इक्विट्री के पवन भराडिया ने भी इस बात पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि इससे कुछ सेंटीमेंटल रिएक्शन की उम्मीद है, यह शॉर्ट-टर्म रिएक्शन से ज़्यादा कुछ नहीं है।"
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