शेयर बाजार में 7 दिनों के बाद गिरावट, सेंसेक्स 183 अंक टूटा, मेटल और फार्मा शेयरों ने किया बड़ा नुकसान

Share Market Today: भारतीय शेयर बाजारों में लगातार 7 दिनों की तेजी के बाद आज 26 मार्च को गिरावट देखी गई। फार्मा शेयरों में बिकवाली और अमेरिकी टैरिफ को लेकर बढ़ती चिंताओं के चलते निवेशकों का जोश कमजोर पड़ा है। शुरुआती कारोबार में बाजार उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन मेटल, पीएसयू बैंक और ऑयल एंड गैस सेक्टर में भारी गिरावट ने सेंसेक्स और निफ्टी को दबाव में ला दिया

अपडेटेड Mar 26, 2025 पर 11:15 AM
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Share Market Today: निफ्टी के 13 में से 12 सेक्टरोल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे

Share Market Today: भारतीय शेयर बाजारों में लगातार 7 दिनों की तेजी के बाद आज 26 मार्च को गिरावट देखी गई। फार्मा शेयरों में बिकवाली और अमेरिकी टैरिफ को लेकर बढ़ती चिंताओं के चलते निवेशकों का जोश कमजोर पड़ा है। शुरुआती कारोबार में बाजार उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन मेटल, पीएसयू बैंक और ऑयल एंड गैस सेक्टर में भारी गिरावट ने सेंसेक्स और निफ्टी को दबाव में ला दिया। निवेशकों के बीच मुनाफावसूली का जोर बढ़ा है। हालांकि आईटी सेक्टर में मजबूती ने बाजार को कुछ सपोर्ट दिया है।

सुबह 9:50 बजे सेंसेक्स 183.23 अंकों (0.23%) की गिरावट के साथ 77,833.96 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 37.40 अंकों (0.16%) की गिरावट के साथ 23,631.25 पर ट्रेड कर रहा था। बाजार में 1,194 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 1,853 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई और 134 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

ग्लोबल बाजारों से मिले मिले-जुले संकेत

अमेरिका में कंज्यूमर कॉन्फिडेंस मार्च महीने में 4 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया, जिसके चलते वहां मंदी की आशंका बनी हुई है। इससे न सिर्फ अमेरिकी शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, बल्कि एशियाई शेयर बाजार भी दबाव में आ गए।


मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा, “अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ को लेकर निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि, बाजार को उम्मीद है कि ट्रंप भारत पर टैरिफ लगाने में कटौती कर सकते हैं, लेकिन वेनेजुअला से गैस या तेल खरीदने वाले देशों पर 25% का ‘सेकेंडरी टैरिफ’ लगाने की धमकी से उनकी चिंता बढ़ी है।”

खेमका का मानना है कि बाजार विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी और रुपये में मजबूती के चलते धीरे-धीरे ऊपर जाने का ट्रेंड बनाए रखेगा। पिछले चार कारोबारी दिनों में FIIs ने कुल ₹19,136 करोड़ के शेयर खरीदे हैं, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला है।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी

छोटे और मझोले शेयरों में आज लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.2% और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.6% लुढ़ककर कारोबार कर रहे थे। हालांकि हालिया उछाल के बाद कई एनालिस्ट्स मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों को लेकर सतर्क हैं। उनका कहना है कि इस सेगमेंट में वैल्यूएशन को लेकर अब भी चिंता बनी हुई है।

फार्मा, आईटी और मेटल सेक्टर पर असर

निफ्टी के 13 में से 12 सेक्टरोल इंडेक्स शुरुआती कारोबार में लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। आईटी, मेटल, फार्मा और पीएसयू बैंक सबसे ज्यादा नुकसान में रहे, जहां 0.8% तक की गिरावट देखी गई। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एनर्जी और ऑटो सेक्टर भी 0.4% तक नीचे थे। FMCG इंडेक्स इकलौता सेक्टर रहा जो 0.2% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।

क्या कहता है टेक्निकल चार्ट?

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा, "निफ्टी को 23,800 के पिछले स्विंग हाई पर रेजिस्टेंस मिला, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। फिलहाल के लिए 23,300 एक मजबूत सपोर्ट जोन है, जिसे इसके 100-EMA (एक्सोपेंनिशयल मूविंग एवरेज) से भी सपोर्ट मिला है। जब तक निफ्टी 23,300 से ऊपर बना रहता है, तब तक यह 23,300-23,800 के दायरे में कंसॉलिडेशन हो सकता है।"

वहीं बैंक निफ्टी के लिए 51,100 पर सपोर्ट और 52,100 पर रेजिस्टेंस देखा जा रहा है। अगर यह 52,100 को पार करता है, तो अगली तेजी का दौर शुरू हो सकता है।

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