Market news : भारतीय इक्विटी बेंचमार्क BSE सेंसेक्स और Nifty 24 अप्रैल को GIFT Nifty से मिल रहे अच्छे संकेतों के चलते बढ़त के साथ खुल सकते हैं। GIFT Nifty बढ़त के साथ इस समय लगभग 24,230 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
भारतीय शेयर बाजारों में 23 अप्रैल को लगातार दूसरे सत्र में भी गिरावट जारी रही। अमेरिका-ईरान बातचीत में कोई प्रगति न होने के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुँच गईं,जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट बिगड़ गया। बाजार बंद होने पर,सेंसेक्स 852.49 अंक या 1.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,664 पर और निफ्टी 205.05 अंक या 0.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,173.05 पर सेटल हुआ।
सुबह 7.45 बजे के आसपास GIFT Nifty 79 अंक यानी 0.33 फीसदी की बढ़त के साथ 24,236 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए अच्छा संकेत है।
एशियाई बाजार मिलाजुला कारोबार कर रहे हैं। GIFT Nifty 79 अंक यानी 0.33 फीसदी की बढ़त के साथ 24,236 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं,जापान के निक्केई में 0.49 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स 0.64 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। हैंग सेंग में भी 0.50 फीसदी की गिरावट है। वहीं,ताइवानी बाजार में 2.88 फीसदी की बढ़त दिख रही है। हालांकि,कोस्पी में 0.15 फीसदी की कमजोरी है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.52 फीसदी की कमजोरी नजर आ रही है।
गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। ईरान युद्ध के जल्द खत्म होने की उम्मीदें कमजोर पड़ गईं, इससे बाजार का मूड खराब हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 179.71 अंक या 0.36% गिरकर 49,310.32 पर बंद हुआ। S&P 500 में 29.50 अंकों या 0.41 फीसदी की गिरावट आई और यह 7,108.40 पर बंद हुआ। जबकि नैस्डैक कंपोजिट 219.06 अंक या 0.89% गिरकर 24,438.50 पर पहुंच गया।
ईरान युद्ध में तनाव बढ़ने के नए संकेतों के बीच तेल की कीमतों में उछाल आने से डॉलर मजबूत हुआ। होर्मुज़ स्ट्रेट के रास्ते जल्द ही फिर से आवाजाही शुरू होने की उम्मीदें कमजोर पड़ गईं। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 98.82 पर दिख रहा है।
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में,10-वर्षीय और 2-वर्षीय ट्रेजरी पर यील्ड में मामूली बदलाव के साथ 4.32% और 3.83% पर कारोबार हो रहा था।
शुक्रवार की सुबह के कारोबार में ज्यादातर एशियाई मुद्राओं में गिरावट देखने को मिली। इसमें सबसे ज्यादा गिरावट इंडोनेशियाई रुपिया में हुई,जिसके बाद मलेशियाई रिंगिट,फिलीपीन पेसो और दक्षिण कोरियाई वॉन का नंबर रहा। इसके विपरीत,थाई बहत,ताइवान डॉलर और सिंगापुर डॉलर में मामूली बढ़त दर्ज की गई।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार पांचवें दिन बढ़ोतरी हुई है। इस बात की चिंता बढ़ गई है कि अमेरिका और ईरान तनाव कम करने पर बातचीत फिर से शुरू करने की दिशा में बहुत कम प्रगति कर रहे हैं,जिससे होर्मुज़ स्ट्रेट बंद है। WTI क्रूड में 1.23 फीसदी और ब्रेंट क्रूड में 1.33 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
सोना इस हफ्ते गिरावट की ओर बढ़ रहा है। इसमें पिछले चार हफ्तों की बढ़त खत्म हो गई है। इसकी वजह यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री टकराव बढ़ गया है और इस युद्ध को खत्म करने की बातचीत में भी रुकावट आ गई है,जिसने ऊर्जा की सप्लाई रोक दी है और महंगाई का खतरा बढ़ा दिया है। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.20 फीसदी और सिल्वर में 0.22 फीसदी की बढ़त आई है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 23 अप्रैल को लगातार चौथे सत्र में अपनी बिकवाली जारी रखी और 3,254 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इसके विपरीत,घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाज़ार को कुछ सहारा दिया और 900 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर खरीदे।