Trading Strategy : भारत की सदियों पुरानी ध्यान यानी मेडिटेशन की प्रक्रिया में आपके मन से फिजूल के विचार एक-एक करके निकल जाते हैं और आप शांति की स्थिति में पहुंच जाते हैं। इसे सफलतापूर्वक करने पर आपका तनाव बिल्कुल खत्म होता जाता है। शेयर बाजार में 8 स्टेप्स वाली ऐसी ही ट्रेडिंग की स्ट्रैटजी है, जो आपको सफलता की गारंटी दे सकती है। यह मुंबई बेस्ड ट्रेडर विजय ठक्कर (Vijay Thakkar) ने तैयार की है। हालांकि, यह आपकी ट्रेडिंग स्क्रीन को अव्यवस्थित करने का भी काम करती है, जिसमें आपको सभी टेक्निकल इंडिकेटर्स (technical indicators) को हटाना होगा, ताकि आप देख सकें कि पीछे क्या छिपा है। हम यहां आपकी स्ट्रैटजी के बारे में ही बता रहे हैं।
Trade set-up : इसमें ठक्कर एंट्री और एग्जिट प्वाइंट निकालने के लिए कैंडिलस्टिक चार्ट (candlestick chart) पर लॉन्ग टर्म प्राइस मूवमेंट का इस्तेमाल करते हैं। बेसिक आइडिया मूमेंटम पर सवार होने का है। इस स्ट्रैटजी में हर हफ्ते महज 2 घंटे का समय लगता है।
स्टेप 1 : हर हफ्ते ऐसे स्टॉक्स को स्कैन करें, जिन्होंने 52 हफ्ते के हाई छूए हों। कंजर्वेटिव ट्रेडर्स इसे आगे सिर्फ एनएसई 500 स्टॉक्स (NSE 500 stocks) पर आजमा सकते हैं।
स्टेप 2 : फिल्टर से निकले स्टॉक्स के लिए या तो वीकली या मंथली कैंडिलस्टिक चार्ट लोड करना शुरू करें।
स्टेप 3 : आखिरी बड़ा सप्लाई जोन पता लगाइए। यह चार्ट पर एक बड़े पीक के रूप में नजर आएगा। ऐसे पीक खोजने के लिए चार्ट टाइमलाइन पर कुछ साल पहले भी जा सकते हैं। ऐसे पीक्स आम तौर पर स्टॉक्स के लिए बड़े रेजिस्टेंस जोन बनाते हैं।
स्टेप 4 : देखिए, क्या प्राइस पिछले सप्लाई जोन से गिरने के बाद रेजिस्टैंस जोन में लौट आया है। यदि हां, तो यह ट्रेडिंग के लिए अच्छा स्टॉक है। यदि नहीं, तो कोई और शेयर खोजिए।
स्टेप 5 : एक बार यदि आपने स्टॉक सलेक्ट कर लिया, तो इसके रेजिस्टैंस जोन से ऊपर निकलने का इंतजार करें। तुलनात्मक रूप से हाइयर वॉल्यूम के साथ ब्रेकआउट कैंडिल मजबूत होना चाहिए। एक बार ब्रेकआट मिलने पर, स्टॉक को रेजिस्टेंस लेवल से 4 फीसदी की दूरी के भीतर खरीदें। उदाहरण के लिए, यदि रेजिस्टैंस 100 रुपये है तो आपकी खरीद 104 रुपये पर होना चाहिए। यदि आप बाजार को रोजाना ट्रैक नहीं करते हैं तो आप इस कीमत पर गुड टिल ट्रिगर (जीटीटी) ऑर्डर भी दे सकते हैं।
स्टेप 6 : पता लगाएं कि पिछले प्रमुख सप्लाई जोन के प्रभावित होने के बाद कीमत में सबसे ज्यादा गिरावट कितनी थी। प्रतिशत की गणना करिए और रेजिस्टैंस जोन के उतना प्रतिशत ऊपर टारगेट रखें। उदाहरण के लिए, यदि स्टॉक 100 रुपये के रेजिस्टेंस जोन से 40 रुपये पर गिरता है। मतलब 40 फीसदी गिरता है आपका टारगेट 140 रुपये होगा।
स्टेप 7 : रेजिस्टेंस लेवल से 4 फीसदी नीचे स्टॉप लॉस लगाइए। उक्त उदाहरण में यह 96 रुपये होना चाहिए। एक बार फिर से आप स्टॉप लॉस के रूप में जीटीटी सेल ऑर्डर लगा सकते हैं।
स्टेप 8 : टारगेट के हिट होने तक मूमेंटम के साथ बने रहिए। अपनी होल्डिंग्स पर आधा प्रॉफिट बुक कर लीजिए। अब, अपने स्टॉप लॉस को निकालने और इनवेस्टमेंट में बने रहने के लिए अपने चार्ट के साथ सुपरट्रेंड इंडिकेटर को जोड़ें। सुपरट्रेंड पर मिला लेवल आपका नया स्टॉपलॉस होगा। यहां पर विचार किसी भी रैली से वंचित नहीं रहने का है, यदि स्टॉक लगातार ऊपर चढ़ रहा है। एक बार प्राइस के सुपरट्रेंड इंडिकेटर हिट करने के बाद पूरी होल्डिंग्स बेच दीजिए।
Risk management : इस सेट अब से पता चलता है कि ठक्कर 104 रुपये से ज्यादा कॉस्ट की ट्रेड पर 8 रुपये से ज्यादा गंवाने के इच्छुक नहीं हैं। इस प्रकार, उनका रिस्क टॉलरेंस लेवल लगभग 8 फीसदी है। वह कहते हैं, इसमें आम तौर पर रिवार्ड मिलने की संभावना आठ गुनी है। ठक्कर दावा करते हैं कि वह इस स्ट्रैटजी से हर साल 25-30 फीसदी रिटर्न हासिल करने में सक्षम रहे हैं।
डिस्क्लेमरः यहां दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।