Stock Markets Falls: भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार 28 मार्च को तगड़ी उठापटक देखने को मिली। सेंसेक्स एक समय दिन के उच्चतम स्तर से 550 अंक तक फिसल गया था। वहीं निफ्टी लुढ़ककर 23,450 तक पहुंच गया था। हालांकि बाद में बाजार ने इस घाटे की भरपाई की। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 191 अंक गिरकर 77,414 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी फिसलकर 23,519 पर आ गया। इस गिरावट की अगुआई आईटी और ऑटो कंपनियों के शेयरों ने की। ट्रंप के नई टैरिफ योजनाओं से निवेशकों को मनोबल कमजोर दिखा। छोटे और मझोले शेयरों ने भी नुकसान कराया।
मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, शेयर बाजार में आज की गिरावट के पीछे 3 प्रमुख कारण रहे-
1. टैरिफ से जुड़ी चिंताएं
टैरिफ की चिंताओं के बीच, निफ्टी ऑटो इंडेक्स आज कारोबार के दौरान 0.8% तक लुढ़क गया है। पिछले दो दिनों में यह इंडेक्स 2 फीसदी नीचे आ चुका है। फार्मा शेयरों में टैरिफ चिंताओं के कारण 0.9% तक की गिरावट आई। भारत के कुल दवा एक्सपोर्ट्स में अमेरिका का हिस्सा लगभग एक तिहाई है। आईटी कंपनियों की रेवेन्यू का भी एक बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है। निफ्टी आईटी इंडेक्स आज कारोबार के दौरान 1.3 फीसदी तक लुढ़क गया।
2. ग्लोबल मार्केट्स से कमजोर संकेत
एशियाई शेयरों में गिरावट से भी आज 28 मार्च को भारतीय बाजार के सेंटीमें पर असर पड़ा। खासतौर से साउथ कोरिया और जापान के शेयर बाजारों में ट्रंप की नई टैरिफ धमकियों के चलते भारी बिकवाली हुई। ट्रंप ने अगले सप्ताह से विदेशों से कारों के आयात पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इसके चलते ग्लोबल लेवल पर ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है। साथ ही ग्लोबल ट्रेड से जुड़ी चिंताएं भी बढ़ी हैं।
जापान के निक्केई इंडेक्स में लगभग 2% की गिरावट आई। इसकी मुख्य वजह टोयोटा और होंडा के शेयरों में गिरावट रही। वहीं दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क इंडेक्स में 2% की गिरावट आई। इन दोनों देशों की इकोनॉमी में ऑटो इंडस्ट्री का काफी योगदान है।
हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स में 0.6% की गिरावट आई। यूरोपीय स्टॉक फ्यूचर्स में भी गिरावट देखी गई। जर्मनी के DAX फ्यूचर्स में 0.2% की गिरावट आई।
3. गोल्ड के दाम में लगातार उछाल
सोने का भाव शुक्रवार को अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। ट्रंप की नए टैरिफ योजनाओं ने ग्लोबल स्तर पर ट्रेड वार की आशंका को और बढ़ा दिया है। इसके चलते निवेशकों की गोल्ड जैसे सुरक्षित निवेश के ठिकानों की ओर दिलचस्पी बढ़ी है। इससे गोल्ड के मांग में इजाफा हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड का भाव आज कारोबार के दौरान 0.7 फीसदी बढ़कर 3,079.01 रुपये के नए उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। इस सप्ताह गोल्ड में 1.8 फीसदी की तेजी आई है। गोल्ड लगातार चौथे सप्ताह बढ़त हासिल करने की ओर है।
टेक्निकल एक्सपर्ट्स का क्या है कहना?
कोटक सिक्योरिटीज के श्रीकांत चौहान ने बताया, "हमारा मानना है कि 23,400/77,100 स्तर के आसपास एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन होगा। जब तक यह इस स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है, तब तक तेजी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। ऊपर की ओर 23,750/78,000 और 23,800/78,200 का स्तर सेंसेक्स और निफ्टी के लिए अहम रेजिस्टेंस लेवल हो सकता है। वहीं नीचे की ओर से 23,400/77100 का स्तर टूटने से मार्केट का मूड बदल सकता है और यह फिर 23,300-23,225/76,800-76,500 तक फिसल सकता है।"
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