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मार्केट में रिकवरी आने में कुछ तिमाही का लग सकता है समय, मार्सेलस इनवेस्टमेंट के सौरव मुखर्जी ने बताई वजह

सौरव मुखर्जी ने कहा कि कोविड की महामारी के बाद इंडियन इकोनॉमी में जर्बदस्त रिकवरी आई। FY22, FY23 और FY24 में जीडीपी ग्रोथ 7.5 फीसदी थी। EPS ग्रोथ 20 फीसदी थी। इस वजह से छोटी कंपनियों के शेयरों की कीमतें भी आसमान में पहुंच गईं

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 04, 2024 पर 11:11 AM
मार्केट में रिकवरी आने में कुछ तिमाही का लग सकता है समय, मार्सेलस इनवेस्टमेंट के सौरव मुखर्जी ने बताई वजह
सौरव मुखर्जी ने कहा कि अगर आरबीआई इस साल दिसंबर में इंटरेस्ट रेट में कमी करता है तो अगले साल के मध्य या अंत तक तक इकोनॉमी में रिकवरी देखने को मिल सकती है।

स्टॉक मार्केट में 4 नवंबर को बड़ी गिरावट दिखी। बीएसई सेंसेक्स सुबह के कारोबार में 1000 प्वाइंट्स से ज्यादा लुढ़क गया था। निफ्टी 50 में भी 300 प्वाइंट्स से ज्यादा गिरावट दिखी। नवंबर की शुरुआत स्टॉक मार्केट्स के लिए पॉजिटिव नहीं दिख रही है। 1 नवंबर को संवत कारोबार में भी प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए थे। इंडियन मार्केट में जारी बड़ी गिरावट को समझने के लिए मनीकंट्रोल ने सौरव मुखर्जी से बातचीत की। मुखर्जी मार्सेलस इनवेस्टमेंट मैनेजर्स के फाउंडर और चीफ इनवेस्टमेंट अफसर हैं। उन्होंने कहा कि मार्केट को गिरावट से उबरने में कुछ समय लग सकता है। कुछ तिमाहियों तक मार्केट में सुस्ती दिख सकती है।

पिछले छह महीनों से इकोनॉमी में सुस्ती दिख रही

उन्होंने कहा कि कोविड की महामारी के बाद इंडियन इकोनॉमी में जर्बदस्त रिकवरी आई। FY22, FY23 और FY24 में जीडीपी ग्रोथ 7.5 फीसदी थी। EPS ग्रोथ 20 फीसदी थी। इस वजह से छोटी कंपनियों के शेयरों की कीमतें भी आसमान में पहुंच गईं। सरकारी कंपनियों के शेयरों की बात करें तो 2022-23 पीएसयू स्टॉक्स के लिए शानदार रहा। लेकिन, पिछले छह महीनों से इकोनॉमी में सुस्त पड़ रही है। निवेशकों को यह समझने की जरूरत है कि कोविड के बाद आई रिकवरी साइक्लिकल थी, यह स्ट्रक्चरल नहीं थी।

बेहतर ट्रैक रिकॉर्ड वाली कंपनियों की चमक बनी रहेगी

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