Market trend: बाजार इस समय नए शिखर पर है। पिछले लगातार 13 दिन से बाजार में तेजी चल रही है जो अपने में एक रिकॉर्ड है। इस शानदार बुल मार्केट में निवेशकों को क्या करना चाहिए? क्या थोड़ी मुनाफावसूली करना बेहतर है ? किन सेक्टर्स में अभी भी अच्छे मौके हैं। इन सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए आज सीएनबीसी-आवाज के साथ जुड़े IKIGAI Asset Manager के फाउंडर & CIO पंकज टिबरेवाल।
इस मार्केट में गलतियां होने की संभावना ज्यादा
बाजार पर बात करते हुए पंकज ने कहा कि इस मार्केट में गलतियां होने की संभावना ज्यादा है। अगर बाजार को तीन भागों फंडमेंटल्स, फ्लो और सेंटीमेंट में बांट कर देखें तो फंडामेंटल्स में पिछले 5 सालों में निफ्टी की अर्निंग्स ग्रोथ करीब 20 फीसदी की रही है। अगर ओवरऑल मार्केट का रिटर्न देखें तो वो भी 20-22 फीसदी के आसपास रहा है। हमें पता है कि लॉन्ग टर्म में स्टॉक कीमतों को कंपनियों के मुनाफे और कमाई से ही ताकत मिलती है। इस बार पहली तिमाही के नतीजों से कॉरपोरेट इंडिया के मुनाफे में गिरावट की शुरुआत हुई है। दूसरी तिमाही भी सुस्त रहने को संकेत हैं। अब बाजार का पूरा फोकस दूसरी छमाही की तरफ है। जहां त्योहारी सीजन के चलते स्थितियां बाजार के फेवर में रह सकती हैं। फंडामेंटली देखें तो बाजार में जो रैली आई उससे अब संभालने में मुश्किल हो रही है। ये कहीं न कहीं चिंता का विषय है।
अगर बाजार में आ रहे निवेश या फ्लो के नजरिए से देखें तो घरेलू निवेशक जोश में हैं। बाजार में उन्होंने चार साल में उन्होंने लगभग 8 लाख करोड़ रूपए डाल दिए हैं। इसमें चिंता की केवल एक ही बात है कि पिछले तीन साल में जिन निवेशकों ने एमएफ में पैसे डाले हैं उन्होंने सिर्फ तेजी का दौर देखा है। ऐसे में कंसोलीडेशन और करेक्शन के दौर में इनका क्या रिएक्शन होगा ये देखने की बात होगी।
विदेशी निवेशक भारत को लेकर काफी उत्साहित
पंकज ने आगे कहा कि विदेशी निवेशक भारत को लेकर काफी उत्साहित हैं। वे बाजार में वैल्युएशन सही स्तरों पर आने का इंतजार कर रहे हैं। अगर किसी भी कारण से बाजार में 15-20 फीसदी का करेक्शन होता है तो भारत में जोरदार विदेशी निवेश आता दिखेगा। भारत के प्रति विदेशी और घरेलू दोनों निवेशकों की नजरिया उम्मीदों से भरा हुआ है। नीयर टर्म में बाजार में हो सकता है कि हमें कोई उतार-चढ़ाव दिखे लेकिन किसी बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। यहां से लेकर अगले 12-10 महीनों में मार्केट थोड़ा स्टॉक पिकर मार्केट हो जाएगा।
कई सेक्टर इस समय काफी मंहगे हो गए हमें इनसे बचना चाहिए
उन्होंने कहा की कई सेक्टर इस समय काफी मंहगे हो गए हमें इनसे बचना चाहिए। वहीं, कई ऐसे सेक्टर हैं जिनमें इंक्रीमेंटल पॉजिटिव चेंज हैं, हमें इन पर नजर रखना चाहिए। जैसे फॉर्मा सेक्टर आगे आने वाले 6-12 महीनों में अच्छा करता दिख सकता है। इसके आलावा आईटी, कंजम्प्शन और केमिकल में तेजी आने की उम्मीद है। साफतौर पर केमिकल अब एक ऐसा सेक्टर दिख रहा है जहां दूसरी छमाही में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।
इश्योरेंस, जनरल इंश्योरेंस और कैपिट मार्केट प्लेस में निवेश के मौके
बैंकिंग शेयरों पर बात करते हुए पंकज ने कहा कि सेक्टर में एनआईएम में कमजोरी और डिपॉजिट ग्रोथ में सुस्ती चिंता का सबसे बड़ा मुद्दा है। आगे भी इस सेक्टर पर दबाव रह सकता है। अब एनबीएफसी के वैल्युएशन को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है। फाइनेंशियल सेक्टर में आज के माहौल में इश्योरेंस, जनरल इंश्योरेंस और कैपिट मार्केट प्लेस जहां ग्रोथ की कमी नहीं है और ग्रोथ काफी मजबूत है, निवेश के नजरिए से काफी बेहतर दिख रहा है।
रिटेल सेक्टर लग रहा अच्छा
इस बातचीत में पंकज ने कहा कि सोना महंगा हुआ है। लेकिन क्रूड उतना नहीं बढ़ा है। क्रूड में तेजी बढ़ी तो इकोनॉमी पर निगेटिव असर होगा। रिटेल सेक्टर पर भी पंकज पॉजिटिव हैं उन्होंने कहा कि जूडियो काफी कामयाब फॉर्मेट है। आज के दिन नए जमाने को लोगों में ब्रॉन्ड को लेकर रुझान काफी कम हो रहा है। लोग फैशन और ट्रेंड पर फोकस कर रहे हैं। ट्रेंट के जूडियो ने इस बात को समझ लिया है। यही उसकी कामयाबी का राज है। रिटेल की जो भी कंपियां इस बात को समझकर आगे अपने फॉर्मेट में बदलाव करेंगी वे कमयाब रहेंगी। एक और रिटेल कंपनी है जिसका नाम स्टाइल यूनियन है,बहुत अच्छा काम कर रही है। दक्षिण भारत में इनकी करीब 70-80 दुकाने हैं। आने वाले दिनों में जब कभी भी ये कंपनी लिस्ट होगा तो इस बाजार की नजरें रहेंगी।
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