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Stock picks : IKIGAI एसेट मैनेजर्स के पंकज टिबरेवाल से पाएं NBFC और बैंकिंग में निवेश पर सटीक सलाह

Stock Market : पंकज ने कहा कि इस मार्केट में गलतियां होने की संभावना ज्यादा है। इस बार पहली तिमाही के नतीजों से कॉरपोरेट इंडिया के मुनाफे में गिरावट की शुरुआत हुई है। दूसरी तिमाही भी सुस्त रहने को संकेत हैं। बाजार में जो रैली आई उससे अब संभालने में मुश्किल हो रही है। ये कहीं न कहीं चिंता का विषय है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 02, 2024 पर 1:40 PM
Stock picks : IKIGAI एसेट मैनेजर्स के पंकज टिबरेवाल से पाएं NBFC और बैंकिंग में निवेश पर सटीक सलाह
पंकज ने कहा कि सोना महंगा हुआ है। लेकिन क्रूड उतना नहीं बढ़ा है। क्रूड में तेजी बढ़ी तो इकोनॉमी पर निगेटिव असर होगा

Market trend: बाजार इस समय नए शिखर पर है। पिछले लगातार 13 दिन से बाजार में तेजी चल रही है जो अपने में एक रिकॉर्ड है। इस शानदार बुल मार्केट में निवेशकों को क्या करना चाहिए? क्या थोड़ी मुनाफावसूली करना बेहतर है ? किन सेक्टर्स में अभी भी अच्छे मौके हैं। इन सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए आज सीएनबीसी-आवाज के साथ जुड़े IKIGAI Asset Manager के फाउंडर & CIO पंकज टिबरेवाल।

इस मार्केट में गलतियां होने की संभावना ज्यादा

बाजार पर बात करते हुए पंकज ने कहा कि इस मार्केट में गलतियां होने की संभावना ज्यादा है। अगर बाजार को तीन भागों फंडमेंटल्स, फ्लो और सेंटीमेंट में बांट कर देखें तो फंडामेंटल्स में पिछले 5 सालों में निफ्टी की अर्निंग्स ग्रोथ करीब 20 फीसदी की रही है। अगर ओवरऑल मार्केट का रिटर्न देखें तो वो भी 20-22 फीसदी के आसपास रहा है। हमें पता है कि लॉन्ग टर्म में स्टॉक कीमतों को कंपनियों के मुनाफे और कमाई से ही ताकत मिलती है। इस बार पहली तिमाही के नतीजों से कॉरपोरेट इंडिया के मुनाफे में गिरावट की शुरुआत हुई है। दूसरी तिमाही भी सुस्त रहने को संकेत हैं। अब बाजार का पूरा फोकस दूसरी छमाही की तरफ है। जहां त्योहारी सीजन के चलते स्थितियां बाजार के फेवर में रह सकती हैं। फंडामेंटली देखें तो बाजार में जो रैली आई उससे अब संभालने में मुश्किल हो रही है। ये कहीं न कहीं चिंता का विषय है।

अगर बाजार में आ रहे निवेश या फ्लो के नजरिए से देखें तो घरेलू निवेशक जोश में हैं। बाजार में उन्होंने चार साल में उन्होंने लगभग 8 लाख करोड़ रूपए डाल दिए हैं। इसमें चिंता की केवल एक ही बात है कि पिछले तीन साल में जिन निवेशकों ने एमएफ में पैसे डाले हैं उन्होंने सिर्फ तेजी का दौर देखा है। ऐसे में कंसोलीडेशन और करेक्शन के दौर में इनका क्या रिएक्शन होगा ये देखने की बात होगी।

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