Stocks of the day : निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार पर ऊपरी स्तरों से दबाव देखने को मिल रहा है। ईरान से कारोबार पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ के ट्रंप के एलान ने बाजार की फिक्र बढ़ा दी है। वीकली एक्सपायरी के दिन निफ्टी ऊपरी स्तरों से 200 अंकों से ज्यादा फिसलकर 25700 के करीब दिख रहा है। बैंक निफ्टी ने भी बढ़त गंवा दी है। मिडकैप में ज्यादा गिरावट है। डिफेंस, रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल और फार्मा में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिल रहा है। ये चारों सेक्टर इंडेक्स एक फीसदी से ज्यादा फिसले हैं। कंज्यूमर ड्यूरेबल में डिक्सन 5 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ वायदा का टॉप लूजर बना है। वहीं कैपिटल मार्केट शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी है। एंजेल वन, BSE और MCX वायदा के टॉप गेनर्स में शामिल हैं।
आज बाजार की नजर किन शेयरों पर है, कौन से शेयर या सेक्टर में एक्शन बना हुआ है, यह बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के यतिन मोता ने कहा कि कुवैत में एक लाख करोड़ रुपये का बड़ा प्रोजेक्ट हाथ से निकलने की आशंका से L&T में तेज गिरावट आई है। ये शेयर 3 फीसदी से ज्यादा फिसलकर निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुवैत इस प्रोजेक्ट के लिए दोबारा बोली मंगा सकता है। MEED (Media Company & Reports On Eco & Biz News Of Middle East) की रिपोर्ट्स के मुताबित कुवैत से कंपनी को बड़ा झटका लग सकता है। उसके हाथ से 8.7 अरब डॉलर का ऑयल प्रोजेक्ट का टेंडर रद्द हो सकता है। कुवैत इस प्रोजेक्ट के लिए दोबारा बोली मंगा सकता है। 5 अपस्ट्रीम कॉन्ट्रैक्ट् के लिए बोलियां बजट से अधिक पाई गई हैं। 4.5 अरब डॉलर के ऑर्डर के लिए L&T ने सबसे कम बोली लगाई थी। कंपनी की मौजूदा कंसोलीडेटेड ऑर्डर बुक 6.5 लाख करोड़ रुपए की है। FY25 के मुकाबले FY26 में ऑर्डर गाइडेंस 10 फीसदी ज्यादा है।
विदेशी निवेश की गुंजाइश 20% से बढ़कर 26% होने से इटरनल में तेजी आई है। शेयर होल्डिग्स पैटर्न में इसका खुलासा हुआ है। कंपनी ने कल शेयरहोल्डिंग पैटर्न का खुलासा किया था। साथ ही MSCI में इटरनल का वेटेज दोगुना हो सकता है। इससे कंपनी में करीब 4000-4500 करोड़ रुपए का MSCI निवेश आ सकता है।
ईरान से कारोबार करने वाली कंपनियों पर अमेरिका में 25 फीसदी टैरिफ लगेगा। अमेरिका के राष्ट्पति डोनल्ड ट्रंप ने इसका एलान किया है। भारतीय चावल के लिए अमेरिका छोटा लेकिन वैल्युएबल बाजार है। भारत ने अमेरिका को FY24 में 234,000 टन चावल का एक्सपोर्ट किया था। भारतीय बासमती के लिए ईरान भी बड़ा बाजार है। FY25 में भारत ने ईरान को 8.5 लाख टन बासमती एक्सपोर्ट किया था। भारतीय बासमती एक्सपोर्ट में ईरान की हिस्सेदारी 12-20 फीसदी है। भारत कुल 21.55 mt चावल का एक्सपोर्ट करता है।