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Sugar Stocks पर सरकारी स्ट्राइक, एक झटके में बदल गई हवा

Sugar stocks: शुगर स्टॉक्स पर सरकारी नीतियों का अच्छा-खासा दखल होता है। इसके चलते एक कारोबारी दिन पहले 6 दिसंबर को इनमें भारी बिकवाली दिखी और शेयर 11 फीसदी तक टूट गए। आज भी ये 3 फीसदी टूट गए। सरकार के एक फैसले के चलते इनमें बिकवाली का भारी दबाव दिख रहा है। जानिए सरकार के किस फैसले ने बिकवाली बढ़ाई है और इसका झटका इतना तेज क्यों है?

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Dec 07, 2023 पर 10:19 AM
Sugar Stocks पर सरकारी स्ट्राइक, एक झटके में बदल गई हवा
शुगर कंपनियां तेजी से एथेनॉल की तरफ भाग रही हैं तो इसकी वजह भी है। तेल कंपनियों की तरफ से इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। यह मांग इसलिए बढ़ रही है क्योंकि सरकार ने 2025 तक ट्रांसपोर्ट फ्यूल में 20 फीसदी ब्लेडिंग टारगेट रखा है।

Sugar Stocks: शुगर स्टॉक्स पर सरकारी नीतियों का अच्छा-खासा दखल होता है। इसके चलते एक कारोबारी दिन पहले 6 दिसंबर को इनमें भारी बिकवाली दिखी और शेयर 11 फीसदी तक टूट गए। आज भी ये 3 फीसदी टूट गए। इनमें बिकवाली का दबाव इसलिए दिखा क्योंकि घरेलू मार्केट में चीनी की शॉर्टेज को थामने के लिए सरकार ने गन्ने से एथेनॉल बनाने पर रोक लगा दी है। बुधवार 6 दिसंबर को सबसे अधिक गिरावट उत्तम शुगर में रही। इसके बाद अवध शुगर, मगध शुगर, बलरामपुर चीनी, त्रिवेणी इंजीनियरिंग और बजाज हिंदुस्तान शुगर में गिरावट रही। आज भी इनमें तेज बिकवाली दिख रही है।

क्या है सरकारी आदेश

डिपार्टमेंट ऑफ फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन रिकॉर्ड ऑफ डिसीजंस के मुताबिक अब तेल कंपनियां गन्ने के जूस और बी-हैवी गुड़ से एथेनॉल नहीं ले सकेंगे और यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इसका नोटिफिकेशन 5 दिसंबर की तारीख में जारी हुआ है। हालांकि सी-हैवी गुड़ से एथेनॉल पर कोई रोक नहीं है। सरकार ने गन्ने से एथेनॉल बनाने पर रोक इसलिए लगाई है क्योंकि इस बार खराब मानसून के चलते गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। इसके चलते दुनिया के दूसरे सबसे बड़े चीनी उत्पादक देश को निर्यात पर रोक की मियाद 31 अक्टूबर तक बढ़ाना पड़ा था।

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