Swiggy Q3 Results : फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्विगी ने गुरुवार 29 जनवरी को मार्केट बंद होने के बाद अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा की है। कंपनी को पिछले साल इसी अवधि में हुए 800 करोड़ के नेट लॉस की तुलना में 1,065 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू इस तिमाही में सालाना आधार पर 54 फीसदी बढ़कर 6,148 करोड़ रुपए पर रहा। लेकिन इसके बावजूद इसका नुकसान बढ़ गया है। रेवेन्यू में यह बढ़ोतरी क्विक-कॉमर्स सेगमेंट में मज़बूत ग्रोथ की वजह से हुई। इससे कंपनी के टॉप-लाइन परफॉर्मेंस में बढ़त देखने को मिली।
पिछले साल इस अवधि में कंपनी ने 3,993 करोड़ रुपए का रेवेन्यू हासिल किया था। पिछली तिमाही के मुकाबले,रेवेन्यू में 10.55 फीसदी का सुधार हुआ है। जबकि सितंबर तिमाही में यह 5,561 करोड़ रुपए पर रहा था। वहीं, सालाना आधार पर कंपनी का एडजस्टेड EBITDA लॉस 490 करोड़ रुपए से बढ़कर 712 करोड़ रुपए हो गया है।
क्विक कॉमर्स GOV दोगुना होकर 7,938 करोड़ रुपए पर रहा
इस तिमाही में स्विगी का क्विक-कॉमर्स बिज़नेस उसके कोर फ़ूड डिलीवरी सेगमेंट से आगे रहा है। क्विक-कॉमर्स बिज़नेस के ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) में सालाना आधार पर 103.2 फीसदी और तिमाही आधार पर 13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 7,938 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। यह लगातार चौथी तिमाही है जब इसमें 100 फीसदी से ज़्यादा सालाना ग्रोथ हुई है।
कंपनी ने इस दौरान 0.8 मिलियन मंथली ट्रांजैक्शन करने वाले यूज़र्स जोड़े और 31 शहरों में अपने डार्कस्टोर नेटवर्क को 34 स्टोर बढ़ाकर 136 कर दिया। साथ ही कंपनी ने अपने डार्कस्टोर का औसत साइज़ भी बढ़ाया, जिससे कुल एक्टिव डार्कस्टोर एरिया 4.8 मिलियन स्क्वायर फीट हो गया।
नॉन-ग्रोसरी प्रोडक्ट्स के लगातार विस्तार और बड़े बास्केट साइज़ की वजह से एवरेज ऑर्डर वैल्यू सालाना आधार पर लगभग 40% बढ़कर ₹746 हो गई। कंट्रीब्यूशन मार्जिन में पिछली तिमाही के मुकाबले 9 बेसिस पॉइंट्स और सालाना आधार पर 208 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ और यह -2.5 फीसदी पर आ गया। जबकि एडजस्टेड EBITDA मार्जिन पिछली तिमाही के मुकाबले 65 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर -11.4 फीसदी पर रहा। हालांकि नुकसान पिछली तिमाही के मुकाबले 59 करोड़ रुपए बढ़कर 908 करोड़ रुपए हो गया।
फूड डिलीवरी सेगमेंट ने किया स्थिर प्रदर्शन
तीसरी तिमाही में कंपनी के फूड डिलीवरी बिजनेस ने स्थिर प्रदर्शन किया है। इस सेगमेंट की GOV सालाना आधाप पर 20.5 फीसदी बढ़कर 8,959 करोड़ रुपए पर रहा है। ये पिछले तीन सालों में देखी गई सबसे ज़्यादा ग्रोथ रेट है। तीसरी तिमाही के दौरान यूज़र जुड़ने की तेज़ रफ़्तार के कारण, हर महीने ट्रांजैक्शन करने वाले यूज़र्स साल-दर-साल 22 फीसदी बढ़कर 18.1 मिलियन हो गए हैं।
इस सेगमेंट के एडजस्टेड EBITDA में पिछली तिमाही के मुकाबले 13.1 फीसदी का सुधार हुआ और यह 272 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इसका एडजस्टेड EBITDA मार्जिन GOV का 3 फीसदी हो गया, जो पिछले दो सालों में इसका सबसे ऊंचा लेवल है।