भारतीय बेंचमार्क इंडेक्सेस ने सोमवार को वोलैटाइल रुख दिखाय। आज हफ्ते के पहले दिन बाजार का सेशन सपाट नोट पर समाप्त हुआ। निवेशकों ने 7 दिसंबर को होने वाली आरबीआई की पॉलिसी मीटिंग के परिणाम का इंतजार किया। आज बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 33.90 अंक या 0.05% नीचे 62,834.60 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 4.90 अंक या 0.03% ऊपर 18,701 पर बंद हुआ। सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो निफ्टी ऑटो, एनर्जी, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और फार्मा में बिकवाली देखी गई। जबकि पीएसयू बैंक और मेटल इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्सेस ने मुख्य इंडेक्सेस के अनुरूप प्रदर्शन किया और सपाट नोट पर बंद हुए।
Kotak Securities के श्रीकांत चौहान की कल के लिए निफ्टी पर राय
श्रीकांत चौहान ने कहा कि बाजार एक नकारात्मक पूर्वाग्रह के साथ बेहद सीमित कारोबार करता हुआ नजर आया। अधिकांश एशियाई इंडेक्स भी सुस्त नोट पर बंद हुए। इस हफ्ते आरबीआई की क्रेडिट पॉलिसी की बैठक से पहले निवेशक कारोबार के लिहाज लो प्रोफाइल रखते दिख रहे हैं। जबकि वैश्विक बाजारों से ताजा ट्रिगर्स की कमी ने निराशा पैदा की है।
एक अन्य फैक्टर यह भी हो सकता है कि हालिया रैली बहुत तेज गति से हुई थी। इसलिए कोई भी लंबे समय तक दांव लगाये रखने का जोखिम नहीं लेना चाहता है।
तकनीकी रूप से सुबह की बिकवाली के बाद निफ्टी ने 18,600 के पास सपोर्ट लिया। वहीं से यह तेजी से रिवर्स हुआ। हालांकि बाजार का शॉर्ट टर्म टेक्सचर अभी भी दिशाहीन नजर आ रहा है।
श्रीकांत ने कहा कि हमें लगता है कि निफ्टी में 18,600 का स्तर एक अहम सपोर्ट जोन के रूप में कार्य कर सकता है। यदि निफ्टी इससे ऊपर कारोबार करता है तो यह निकट भविष्य में 18,800-18,850 के स्तरों पर फिर से चढ़ सकता है। दूसरी तरफ 18,600 से नीचे खिसकने पर निफ्टी 18,500-18,450 तक फिसल सकता है।
Religare Broking के अजीत मिश्रा की कल के लिए बाजार पर राय
अजीत ने कहा कि बाजार ने सप्ताह की शुरुआत धीमी की और लगभग पिछले कारोबार दिन की तुलना में अपरिवर्तित बंद हुआ। सपाट शुरुआत के बाद निफ्टी एक सीमित दायरे में कारोबार करता नजर आया। बाजार के अंत में 18,701 के स्तर पर बंद हुआ। इस बीच सेक्टोरल मोर्चे पर मिले-जुले रुख ने कारोबारियों को व्यस्त रखा। आज मेटल, बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर में लिवाली से गिरावट पर रोक लगी।
उन्होंने आगे कहा कि हम अपेक्षित लाइंस पर कंसोलिडेशन देख रहे हैं। ये कंसोलिडेशन हालिया उछाल के बाद हेल्दी नजर आ रहा है। लॉन्ग पोजीशन के लिए उन सेक्टर्स पर फोकस करना चाहिए जहां हर गिरावट पर खरीदारी दिख रही है। इसके अनुसार ही शेयरों को चुनना चाहिए।
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