NBFC टाटा कैपिटल के शेयर में 8 दिसंबर को दिन में 1 प्रतिशत तक की गिरावट आई। BSE पर यह 321.60 रुपये के लो तक गया। अब यह IPO प्राइस 326 रुपये से नीचे आ गया है। कारोबार खत्म होने पर शेयर 0.74 प्रतिशत गिरावट के साथ 322.95 रुपये पर सेटल हुआ। कंपनी BSE, NSE पर अक्टूबर 2025 में लिस्ट हुई थी। इसका 15,511.87 करोड़ रुपये का IPO 1.96 गुना भरा था। अब ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने शेयर के लिए 'ऐड' रेटिंग के साथ कवेरज शुरू किया है। टारगेट प्राइस 360 रुपये प्रति शेयर दिया है। यह शेयर के बंद भाव से 11 प्रतिशत ज्यादा है।
ब्रोकरेज ने अपने नोट में लिखा है कि टाटा कैपिटल अब भारत की तीसरी सबसे बड़ी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है। इसकी लोन बुक जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही तक ₹2.44 लाख करोड़ की थी। कोटक ने कहा कि कंपनी के अच्छी तरह से डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो में रिटेल लेंडिंग का हिस्सा 61% है। FY25 और FY28 के बीच ग्रॉस लोन के 21% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ने की उम्मीद है।
रिटर्न ऑन इक्विटी पर क्या अनुमान
टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड का हाल ही में टाटा कैपिटल में मर्जर हुआ है। कोटक ने कहा कि टाटा मोटर्स फाइनेंस के घाटे वाले बिजनेस में सुधार होने और कंपनी का कर्ज कम होने से FY25 से FY28 के दौरान प्रति शेयर कमाई की CAGR 29% होनी चाहिए। रिटर्न ऑन इक्विटी वित्त वर्ष 2025 में 12.5% था। इसके वित्त वर्ष 2028 तक बढ़कर 15.7% होने का अनुमान है। अगर टाटा मोटर्स फाइनेंस के मर्जर के असर को निकाल दें तो रिटर्न ऑन इक्विटी बढ़कर 15.1% रहने का अनुमान है।कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज, टाटा कैपिटल पर कवरेज शुरू करने वाला चौथा ब्रोकरेज बन गया है। दूसरे 3 ब्रोकरेज ने इस स्टॉक पर समान प्राइस टारगेट के साथ 'ऐड' रेटिंग दी है।
टाटा कैपिटल का मार्केट कैप 1.37 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। सितंबर 2025 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 5,584.44 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 660.61 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की कुल इनकम 56 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 28,369.87 करोड़ रुपये दर्ज की गई। एक साल पहले यह 18,198.38 करोड़ रुपये थी। शुद्ध मुनाफा 10 प्रतिशत बढ़कर 3,655.02 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2024 में 3,326.96 करोड़ रुपये था।
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