टाटा मोटर्स (Tata Motors) के शेयरों में आज आग लगी हुई है। सिर्फ टाटा मोटर्स ही नहीं बल्कि टाटा मोटर्स डीवीआर (Tata Motors- DVR) के शेयर भी रॉकेट बने हुए हैं। दोनों ही शेयर आज रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए। टाटा मोटर्स की बात करें तो बीएसई पर आज यह इंट्रा-डे में 4 फीसदी से अधिक उछलकर 665.30 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। वहीं टाटा मोटर्स-डीवीआर तो आज करीब 18 फीसदी उछलकर 440 रुपये के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। इन दोनों ही शेयरों में यह तेजी कंपनी के एक फैसले के चलते है जिससे टाटा मोटर्स-डीवीआर के शेयरों को नॉर्मल कर दिया जाएगा यानी कि ये भी आम शेयर की भांति हो जाएंगे।
इसके अलावा टाटा मोटर्स की शानदार तिमाही नतीजे से भी शेयरों को सपोर्ट मिला है। हालांकि मुनाफावसूली के चलते दिन के आखिरी में टाटा मोटर्स 0.18 फीसदी के उछाल के साथ 640.60 रुपये (Tata Motors Share Price) और टाटा मोटर्स-डीवीआर 12.42 फीसदी की तेजी के साथ 419.45 रुपये (Tata Motors-DVR Share Price) पर बंद हुआ है।
टाटा मोटर्स और टाटा मोटर्स-डीवीआर में फर्क वोटिंग राइट्स और डिविडेंड का है। डीवीआर यानी डिफरेंशियल वोटिंग राइट्स 'ए' ऑर्डिनरी शेयर हैं। इसमें शेयरहोल्डर्स को वोटिंग राइट कम होता है लेकिन 5 फीसदी डिविडेंड अधिक मिलता है। वोटिंग राइट्स कम होने के चलते कंपनी बिना इसे कोई शेयरों को जारी कर पैसे जुटा सकती है।
टाटा मोटर्स ने इसे पहली बार 2008 में जारी किया था और फिर 2010 में एक QIP (क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) और 2015 में राइट्स इश्यू के जरिए जारी किया था। हालांकि अब नियम बदल गए हैं तो अलग-अलग वोटिंग राइट्स वाले ऐसे शेयर नहीं जारी हो सकते हैं और इस तरह के शेयरों को जारी करने वाली फिलहाल टाटा मोटर्स इकलौती लिस्टेड कंपनी है। अब कंपनी ने टाटा मोटर्स-डीवीआर के 10 शेयरों के बदले में टाटा मोटर्स के 7 शेयर जारी करने का ऐलान किया है।
Tata Motors के लिए कैसी रही जून तिमाही
पिछले साल अप्रैल-जून 2022 में टाटा मोटर्स को 5006.60 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था लेकिन इस बार की जून तिमाही में इसे 3203 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल हुआ। पैसेंजर वेईकल्स बिजनेस के मार्जिन में उछाल और इसकी लग्जरी कार जगुआर लैंड रोवर (JLR) की जबरदस्त बिक्री के दम पर कंपनी को तगड़ा मुनाफा हुआ। सालाना आधार पर इसका रेवेन्यू भी 42 फीसदी बढ़कर 1.02 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।