Tata Steel Shares: टाटा ग्रुप की स्टील कंपनी टाटा स्टील को ₹1755.10 करोड़ का डिमांड नोटिस मिला है। यह मामला वित्त वर्ष 2001 से वित्त वर्ष 2007 के बीच का है। कंपनी को यह नोटिस झारखंड के रामगढ़ में डिस्ट्रिक्ट माइनिंग ऑफिस से 30 मार्च की तारीख में मिला है। हालांकि इसकी जानकारी कंपनी ने 4 अप्रैल को दी और अब इसका असर सोमवार 6 अप्रैल को स्टॉक मार्केट खुलने पर इसके शेयरों पर भी दिख सकता है। अभी इसके शेयरों के स्थिति की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले गुरुवार 2 अप्रैल को बीएसई पर 0.33% की गिरावट के साथ ₹194.05 (Tata Steel Share Price) पर बंद हुआ था।
Tata Steel को क्यों मिला ₹1755 करोड़ का नोटिस?
टाटा स्टील को वेस्ट बोकारो कोलियरी में अतिरिक्त कोयला निकाने के आरोप में करोड़ों का नोटिस मिला है। कंपनी पर आरोप है कि वित्त वर्ष 2001 से वित्त वर्ष 2007 के बीच इसने मंजूरी की हुई सीमा से अधिक करीब 1,62,40,399 टन खनिज कोयले का खनन किया। यह डिमांड नोटिस अवैध माइनिंग और अधिक प्रोडक्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के कॉमन कॉज बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले (रिट पेटिशन नं 114, 2014) में बताए गए आधारों के समान कारणों पर जारी किया गया है। टाटा स्टील से अतिरिक्त उत्पादन के आरोपों में कुल ₹1,755,10,54,029 की मांग की गई है। अब इसे लेकर कंपनी का कहना है कि वह इसके खिलाफ अपील करेगी।
एक साल में कैसी रही टाटा स्टील के शेयरों की चाल?
टाटा स्टील के शेयरों ने कम समय में ही निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है। पिछले साल 7 अप्रैल 2025 को यह ₹124.20 के भाव पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 10 ही महीने में यह 74.32% उछलकर 25 फरवरी 2026 को ₹216.50 के भाव पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस दौरान घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 की बात करें तो यह 11% से अधिक मजबूत हुआ था।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।