TCS Q4 preview: जनवरी-मार्च तिमाही भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS के लिए तमाम अप्रत्याशित घटनाओं से भरी रही है। नए सीईओ की नियुक्ति से लेकर ग्लोबल बैंकिंग संकट तक तमाम ऐसे इवेंट रहे हैं जिन्होंनें कंपनी पर अपना असर दिखाया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, नए सीईओ और एमडी के कृतिवासन ( K Krithivasan) पहली बार कंपनी के नतीजों को पेश करते हुए मीडिया का सामना करेंगे। गौरतलब है कि कंपनी के नतीजे 12 अप्रैल को आने वाले है। इसके साथ ही आईटी कंपनियों के नतीजों का मौसम शुरू हो जाएगा। तमाम घरेलू और ग्लोबल मैक्रो चुनौतियों के चलते वित्त वर्ष 2024 में इस सेक्टर के सामने तमाम चुनौतियां रहेंगी। आइये देखते हैं आने वाले 12 अप्रैल को टीसीएस के नतीजों में बाजार की नजर कहां रहेगी।
गौरतलब है कि 16 मार्च को ही के कृतिवासन कंपनी के नए सीईओ और एमडी बने हैं। बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या कंपनी में संगठनात्मक स्तर पर और कोई बदलाव होते हैं। गौरतलब है कि कंपनी पूर्व सीईओ गोपीनाथन के साथ बातचीत की प्रक्रिया में है। कंपनी चाहती है कि वो परामर्शदाता के रूप में कंपनी को अपनी सेवाएं देते रहें।
इसके अलावा बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी के मैनजमेंट का हालिया बैकिंग संकट को लेकर क्या कहना है। इस संकट के चलते BFSI सेक्टर दबाव में है। इससे आईटी सेक्टर और खासकर टीसीएस के डिमांड आउटलुक पर क्या असर पड़ेगा? इस पर कंपनी के मैनेजमेंट का क्या रवैया है? इन सभी मुद्दों पर प्रबंधन क्या कहता है इस पर बाजार की नजर रहेगी।
रेवेन्यू ग्रोथ पर रहेगी नजर
सीएनबीसी टीवी-18 की तरफ कराए गए एक पोल के मुताबिक, चौथी तिमाही में टीसीएस की रेवेन्यू ग्रोथ तीसरी तिमाही की तुलना में कमजोर रह सकती है। चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल के बीच तिमाही दर तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 0.1 फीसदी से 0.7 फीसदी के बीच रह सकती है। बाजार जानकारों का अनुमान है कि चौथी तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ सुस्त रह सकती है। इसके बावजूद रेवेन्यू ग्रोथ के नजरिए से कंपनी टियर-1 आईटी कंपनियों के लीड करती नजर आएगी।
इसी तरह चौथी तीमाही में कंपनी की EBIT में सुधार की उम्मीद है। जानकारों के अनुमान के मुताबिक, चौथी तिमाही में टीसीएस के एबिट में तिमाही दर तिमाही आधार पर 40-50 बेसिस प्वाइंट की बढ़त देखने को मिल सकती है। गौरतलब है कि तीसरी तिमाही में कंपनी की एबिट 24.5 फीसदी पर रही थी।
नई भर्तियों के आंकड़ों पर रहेगी नजर
बता दें कि पिछली 10 तिमाही में पहली बार टीसीएस ने तिमाही आधार पर नई भर्तियों में गिरावट के संकेत दिए हैं। क्या नई भर्तियों में और गिरावट आएगी, 2024 के लिए भर्ती का लक्ष्य क्या होगा ? इस पर बाजार की नजर रहेगी। एनालिस्टों का ये कहना है कि चौथी तिमाही में भी कंपनी की भर्ती के आंकडे में गिरावट देखने को मिलेगी। क्योंकि कंपनी का फोकस यूटिलाइजेशन और मार्जिन बढ़ाने पर है।
डील-विन्स (नए आर्डर) पर कंपनी की कमेंट्री पर रहेगी नजर
तमाम ग्लोबल मैक्रो चुनौतियों के बावजूद टीसीएस ने पिछली तिमाही में कई बड़े बहु-वर्षीय डील (ऑर्डर) हासिल किए हैं। फरवरी में टीसीएस ने 723 मिलियन डॉलर के सौदे के तहत यूनाइटेड किंगडम स्थित एक क्लाइंट फीनिक्स ग्रुप के साथ करार बढ़ाने की जानकारी दी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीसीएस ब्रिटिश रिटेलर मार्क्स एंड स्पेंसर (एमएंडएस) के साथ 1 अरब डॉलर के कई डील करने की तैयारी में है। इसके पहले टीसीएस ने कहा था कि वह चौथी तिमाही 7-9 अरब डॉलर के नए डील कर सकती है। लेकिन विश्लेषकों का अनुमान है कि कंपनी चौथी तिमाही में इस बैंड को भी पार कर सकती है।