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US मार्केट का सबसे बुरा दौर बीता, लेकिन भारत के सामने खड़ी हैं दो बड़ी चुनौतियां !

नितिन राव ने कहा कि हाल में विदेशी निवेशकों के बढ़ते रुझान के बावजूद तुलनात्मक रूप से भारत में FPI निवेश काफी कम है। इसके साथ ही अब दूसरे विकसित और उभरते बाजारों की तुलना में भारत के वैल्यूएशन प्रीमियम में भी कमी आई है। इससे भारत में FPI निवेश बढ़त दिख सकता है। इसके अलावा भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती इकोनॉमीज में है। साथ यहां के मैक्रो इकोनॉमिक आंकड़े भी काफी अच्छे संकेत दे रहे हैं

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jun 13, 2023 पर 12:27 PM
US मार्केट का सबसे बुरा दौर बीता, लेकिन भारत के सामने खड़ी हैं दो बड़ी चुनौतियां !
कैपिटल गुड्स कंपनियों के मिलने वाले ऑर्डर और इनके उत्पादन में बढ़ोतरी देखने के मिल रही। उम्मीद है कि आगे भी इनका बेहतर प्रदर्शन जारी रहेगा

इनक्रेड वेल्थ (InCred Wealth)के सीईओ नितिन राव (Nitin Rao) का मानना है कि अमेरिकी बाजारों के लिए सबसे बुरा दौर शायद खत्म हो गया है। उनका ये भी कहना है कि अमेरिका में मंदी आए या नहीं लेकिन बाजार के पिछले निचले स्तर तक गिरने की आशंका नहीं नजर आ रही है। बैंकिंग और एनबीएफसी स्पेस में 30 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले राव भारत को लेकर बुलिश हैं। लेकिन उनका ये भी मानना है कि ग्रोथ के लिए दो बड़े जोखिम हैं। ये हैं सामान्य से कमजोर मानसून और देश से होने वाले निर्यात में गिरावट। यहां हम मनीकंट्रोल से हुई उनकी लंबी बातचीत का संपादित अंश दे रहे हैं।

FPI निवेश में दिखेगी बढ़त

इस बातचीत में नितिन राव ने आगे कहा कि हाल में विदेशी निवेशकों के बढ़ते रुझान के बावजूद तुलनात्मक रूप से भारत में FPI निवेश काफी कम है। इसके साथ ही अब दूसरे विकसित और उभरते बाजारों की तुलना में भारत के वैल्यूएशन प्रीमियम में भी कमी आई है। इससे भारत में FPI निवेश बढ़त दिख सकता है। इसके अलावा भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती इकोनॉमीज में है। साथ यहां के मैक्रो इकोनॉमिक आंकड़े भी काफी अच्छे संकेत दे रहे हैं। इससे भी भारतीय बाजारों की तरफ विदेशी निवेशकों का रुझान बढ़ता दिख रहा है। ये क्रम आगे भी जारी रहेगा।

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