निफ्टी IT इंडेक्स में लिस्टेड भारत की टॉप 10 IT कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026 में कुल मिलाकर 1 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया। यह एक रिकॉर्ड हाई है। इतना तगड़ा डिविडेंड शेयरहोल्डर्स को उस समय मिला, जब यह सेक्टर हाल के समय के सबसे मुश्किल दौर में से एक से गुजर रहा था। यह भुगतान ऐसे समय में हुआ, जब इस बात का डर गहरा रहा था कि आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) पारंपरिक सॉफ्टवेयर सर्विस मॉडल्स को बदल देगा, कमाई का नजरिया कमजोर था, और क्लाइंट्स का खर्च भी ज्यादा सतर्कता भरा होता जा रहा था।
वित्त वर्ष 2026 के लिए टॉप 10 IT कंपनियों की ओर से कुल डिविडेंड पेमेंट 1.01 लाख करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2025 में यह 96,782 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024 में 69,976 करोड़ रुपये था। हालांकि, एक फैक्ट यह भी है कि सभी कंपनियां एक ही दिशा में नहीं चलीं।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और कोफोर्ज ऐसी दो कंपनियां रहीं, जिन्होंने वित्त वर्ष 2026 के दौरान कम डिविडेंड दिया। वहीं HCL टेक्नोलोजिज ने डिविडेंड को स्थिर रखा। बाकी 7 कंपनियां- इंफोसिस, LTIMindtree, Mphasis, ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, टेक महिंद्रा, और विप्रो सभी ने पिछले साल के मुकाबले अपने डिविडेंड बढ़ाए।
TCS का डिविडेंड एक साल पहले से 12.7 प्रतिशत कम
TCS का डिविडेंड वित्त वर्ष 2026 में 39,820 करोड़ रुपये रहा। यह वित्त वर्ष 2025 के 45,588 करोड़ रुपये के डिविडेंड से 12.7 प्रतिशत कम है। कोफोर्ज में और भी बड़ी गिरावट देखी गई। कुल डिविडेंड पेमेंट वित्त वर्ष 2025 के 509 करोड़ रुपये से 20 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 404 करोड़ रुपये रह गया। HCL टेक्नोलोजिज ने अपना डिविडेंड 16,290 करोड़ रुपये पर ही बनाए रखा।
जिन कंपनियों ने डिविडेंड पेमेंट बढ़ाया, उनमें Wipro सबसे आगे रही। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में 6,283 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया था। वित्त वर्ष 2026 में यह 84 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 11,538 करोड़ रुपये हो गया। ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज का डिविडेंड पेमेंट वित्त वर्ष 2025 में 2,300 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में यह 51 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 3,480 करोड़ रुपये हो गया।
Persistent Systems, LTIMindtree और Tech Mahidra
पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, LTIMindtree और टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2026 में डिविडेंड क्रमशः 15.7 प्रतिशत, 15.4 प्रतिशत और 12.4 प्रतिशत बढ़ा। पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने वित्त वर्ष 2025 में 546 करोड़ रुपये, LTIMindtree ने 1,924 करोड़ रुपये और टेक महिंद्रा ने लगभग 4,406 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया था। लेकिन वित्त वर्ष 2026 में यह अमाउंट बढ़कर क्रमश: 631 करोड़ रुपये, लगभग 2,220 करोड़ रुपये और लगभग 4,997 करोड़ रुपये रहा।
Mphasis और Infosys दोनों ने डिविडेंड में लगभग 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। Mphasis ने वित्त वर्ष 2026 में 1,183 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया, जबकि वित्त वर्ष 2025 में 1,084 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया था। Infosys ने 19,460 करोड़ रुपये बांटे, जबकि वित्त वर्ष 2025 में 17,854 करोड़ रुपये का डिविडेंड बांटा था।
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