Trading Plan: बाजार पर मंदड़ियों की पकड़ मजबूत, क्या 23400 के नीचे फिसल सकता है निफ्टी, 53200 के नीचे आ सकता है बैंक निफ्टी?
Trading Plan: 23,500-23,400 का स्तर एक अहम सपोर्ट नजर आ रहा है। इसके नीचे गिरने पर Nifty 23,250 की ओर खिसक सकता है। वहीं,ऊपरी तरफ इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,800-23,900 पर है। इस स्तर के ऊपर जाने पर 24,000 का स्तर भी मुमकिन हो सकता है
Trading Plan: राजेश पालवीय का कहना है कि निफ्टी बैंक ने 2,379 अंकों का वीकली नुकसान दर्ज किया। वीकली चार्ट पर,इंडेक्स ने एक लॉन्ग लोअर शैडो वाली'बेयरिश कैंडल'बनाई,जो लगातार बने उतार-चढ़ाव के बावजूद निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी बढ़ने का संकेत है
Trading Plan : कमजोर टेक्निकल इंडिकेटर्स और ईरान को डोनाल्ड ट्रम्प की चेतावनी के बाद तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से बाजार में जो मंदी का माहौल बना हुआ है,उसे देखते हुए बाजार पर बिकवाली का दबाव बना रह सकता है। Nifty के लिए 23,500–23,400 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह रेंज टूटती है,तो इंडेक्स 23,250 की ओर खिसक सकता है। ऊपर की तरफ इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,800–23,900 की रेंज में है। इस जोन के ऊपर लगातार बढ़त होने पर ही इसके 24000 की और आगे बढ़ने की संभावना बन सकती है।
इस बीच,अगर निफ्टी बैंक 53,200 के नीचे गिरता है(जो पिछले हफ्ते के निचले स्तर के करीब है) तो इंडेक्स 52,800–52,700 की रेंज की ओर गिर सकता है। हालांकि,बाजार जानकारों का यह भी कहना है कि ऊपर की तरफ 54,400–54,600 का जोन एक रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है।
निफ्टी आउटलुक और रणनीति
AT रिसर्च एंड रिस्क मैनेजर्स के फाउंडर और एनालिस्ट आदित्य ठुकराल का कहना है कि NIFTY के लिए 23,800–23,900 के दायरे में कई रेजिस्टेंस लेवल देखने को मिले हैं। इंडेक्स के लिए पहले 23,800 के आसपास सपोर्ट था। हाल ही में इन लेवल से हुई बिकवाली के बाद,यह सपोर्ट लेवल अब रेजिस्टेंस में बदल गया है। 23,263 के निचले स्तर से हुई तेजी के बाद भी,मार्केट ब्रेथ में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
निफ्टी लगातार सभी अहम एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है,जो नीचे की ओर झुक रहे हैं।'लोअर लो'बनने से हालिया तेजी के दौरान बना तत्काल अपट्रेंड का ढांचा टूट गया है और यह गिरावट के एक और दौर की शुरुआत की ओर इशारा कर रहा है।
हालांकि,एक और करेक्टिव अपवर्ड मूव चलते इस गिरावट में कुछ देरी हो सकती है। बुल्स के लिए उम्मीद की एकमात्र किरण तभी दिखेगी जब इंडेक्स 23,400–23,540 के सपोर्ट जोन के ऊपर टिके रहने में कामयाब हो जाए। यह भी देखने को मिल रहा है कि ज्यादातर पैसा स्मॉल-कैप और मिड-कैप कंपनियों में जा रहा है। ऐसे में बुल्स के लिए स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन ही मुख्य भूमिका में रहेगा।
डेरिवेटिव्स सेगमेंट में पोज़िशनिंग की बात करें,तो ट्रेडर आक्रामक शॉर्ट पोज़िशन्स बनाते दिखे हैं। जबकि डेल्टा-न्यूट्रल राइटर्स VIX में बढ़ोतरी की उम्मीद में अपनी पोज़िशन्स से बाहर निकलते दिखे हैं।
अहम रेजिस्टेंस: 23,720, 23,860
अहम सपोर्ट: 23,540, 23,390
रणनीति: Nifty Futures को 23,800 की ओर बढ़ने पर बेचें,23,900 पर स्टॉप-लॉस रखें और 23,360 का लक्ष्य सेट करें।
Axis Securities में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च (रिसर्च हेड) राजेश पालवीय का कहना है कि पिछले हफ्ते Nifty में 533 अंकों की गिरावट आई। वीकली चार्ट पर,इंडेक्स ने एक 'बेयरिश कैंडल' बनाई,जिसकी निचली शैडो(lower shadow) काफील लंबी थी। यह इस बात का संकेत है कि 8 अप्रैल को बने 23,154 और 23,828 के बीच के 'बुलिश गैप ज़ोन' के निचले दायरे के पास निवेशकों की खरीदारी में दिलचस्पी बनी हुई है। तकनीकी रूप से 24,000 के स्तर से ऊपर की कोई भी निर्णायक बढ़त 'बुलिश मोमेंटम' को फिर से एक्टिवेट कर सकती है,जिससे इंडेक्स 24,150–24,350 के दायरे की ओर बढ़ सकता है।
इसके विपरीत,23,500 से नीचे का ब्रेक पिछले हफ्ते के निचले स्तर 23,263 की ओर नए सिरे से बिकवाली का दबाव पैदा कर सकता है। जिसके बाद 23,154 के पास बुलिश गैप का निचला बैंड आ सकता है। वीकली RSI अपनी रेफरेंस लाइन के पास घूम रहा है,जो मोमेंटम के लिए एक अहम मोड़ का संकेत देता है। RSI सपोर्ट लाइन के ऊपर लगातार बने रहना और साथ ही 24,000 से ऊपर का ब्रेकआउट, ट्रेंड में बदलाव का संकेत दे सकता है और बाजार में सकारात्मक माहौल वापस ला सकता है।
अहम रेजिस्टेंस: 23,800, 24,000
अहम सपोर्ट: 23,500, 23,350
रणनीति: Nifty Futures को 23,750 के आस-पास बेचें, स्टॉप-लॉस 23,850 पर रखें, और टारगेट 23,500–23,350 रखें।
आदित्य ठुकराल का कहना है कि निफ्टी बैंक की तेजी पिछले सपोर्ट लेवल के पास आकर रुक गई,जो अब रेजिस्टेंस में बदल गए हैं। इंडेक्स सभी अहम एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से नीचे ही ट्रेड करता रहा,जो अब नीचे की ओर झुक रहे हैं। प्राइस एक्शन ज्यादातर नीचे की ओर इशारा कर रहा है। इस ट्रेंड को पलटने के लिए,इंडेक्स को अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बने रहना होगा,साथ ही 'हायर हाईऔर 'हायर लो' भी बनाने होंगे। हालांकि,अभी किसी भी दिशा में तुरंत कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना कम लग रही है। कुछ और दिनों तक साइडवेज़ मूवमेंट जारी रहने से किसी भी तरफ ब्रेकआउट होने से पहले ट्रेडिंग रेंज के बारे में ज्यादा स्पष्टता मिल सकती है।
बैंकिंग इंडेक्स के डेरिवेटिव्स सेगमेंट में पोजीशनिंग बेयरिश बनी रही,जिसमें लॉन्ग अनवाइंडिंग और शॉर्ट बिल्ड-अप देखने को मिला।
अहम रेजिस्टेंस: 54,000, 54,450
अहम सपोर्ट: 53,400, 53,000
रणनीति: 54,200 की ओर बढ़त पर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स बेचें,स्टॉप-लॉस 54,500 पर रखें और 53,600 का लक्ष्य रखें।
राजेश पालवीय का कहना है कि निफ्टी बैंक ने 2,379 अंकों का वीकली नुकसान दर्ज किया। वीकली चार्ट पर,इंडेक्स ने एक लॉन्ग लोअर शैडो वाली'बेयरिश कैंडल'बनाई,जो लगातार बने उतार-चढ़ाव के बावजूद निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी बढ़ने का संकेत है। तकनीकी रूप से 54,000 के ऊपर एक निर्णायक चाल खरीदारी की गति को फिर से बढ़ा सकती है और इंडेक्स को 54,500–55,000 के दायरे की ओर ले जा सकती है।
दूसरी ओर 53,250 के नीचे जाने पर बिकवाली का नया दबाव बन सकता है,जिससे बैंक निफ्टी 53,000–52,700 के स्तरों की ओर जा सकती हैं। इस हफ्ते Bank Nifty के 55,000–52,700 की रेंज में मिले-जुले रुझान के साथ ट्रेड करने की उम्मीद है। मोमेंटम इंडिकेटर्स न्यूट्रल बने हुए हैं। इसके साथ ही वीकली RSI सपाट हो गया है। यह इस बात का संकेत है कि किसी भी तरफ मज़बूत डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी है।
अहम रेजिस्टेंस: 54000, 54,400
अहम सपोर्ट: 53,500, 53,300
रणनीति: Bank Nifty Futures को 54,200 के आस-पास बेचें,54,500 पर स्टॉप-लॉस रखें और 53,500–53,250 का लक्ष्य रखें।
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