Market cues : 22900 का सपोर्ट टूटने पर 22700–22500 तक बढ़ सकती है गिरवाट, इन लेवल्स पर रहे नजर
Trade setup for today : Nifty 50 के लिए 22,900 के लेवल पर तत्काल और अहम सपोर्ट है। अगले कुछ सेशंस में हमें इस पर नजर रखनी होगी। क्योंकि इस लेवल से नीचे की कोई भी गिरावट निफ्टी को 22,700–22,500 की ओर नीचे ले जाने की संभावना को बढ़ा सकती है
Trade Setup : मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX गुरुवार को 21.79 प्रतिशत बढ़कर 22.80 पर पहुंच गया जो 9 मार्च के बाद का सबसे ऊंचा क्लोजिंग लेवल है
Trade setup for today : 19 मार्च को Nifty में 3.26 प्रतिशत की भारी गिरावट आई। एक बड़े 'गैप-डाउन'ओपनिंग के बाद, पिछले 21 महीनों में यह इसकी सबसे बड़ी एक-दिनी गिरावट थी। यह गिरावट ग्लोबल बाजारों में आई गिरावट के मुताबिक ही थी,जो फेडरल रिज़र्व के कड़े रुख (hawkish stance) के कारण हुई थी। फेडरल रिज़र्व ने महंगाई और आर्थिक विकास से जुड़ी चिंताओं के बीच यह रुख अपनाया है। इसके अलावा,ईरान युद्ध के तेज़ होने के कारण तेल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी भी इस गिरावट का एक कारण रही।
तकनीकी रूप से देखें तो लोअर टॉप–लोअर बॉटम'(lower top–lower bottom)का ढांचा अभी भी बरकरार है। मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुक रहे हैं और 'मोमेंटम इंडिकेटर्स' सावधानी बरतने का संकेत दे रहे हैं। ऐसे में बाजार जानकारों का कहना है कि अगले कुछ कारोबारी सत्रों में 22,900 के स्तर पर मौजूद तत्काल और अहम सपोर्ट पर नज़र रखना बेहद ज़रूरी है। अगर इस स्तर से नीचे कोई गिरावट आती है तो Nifty के 22,700–22,500 के स्तर की ओर और नीचे जाने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि,ऊपर की ओर बढ़ने पर 23,200 का स्तर एक तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में काम कर सकता है,जिसके बाद 23,500 (जो कि गोल्डन रेश्यो लेवल है) पर अगला रेजिस्टेंस हो सकता है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 22,932, 22,827 और 22,655
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 23,275, 23,381 और 23,552
Nifty ने डेली टाइमफ़्रेम पर 580 अंकों के गैप-डाउन ओपनिंग के बाद,ऊपर की तरफ़ एक शैडो वाली बेयरिश कैंडल बनाई। इसके साथ ही वॉल्यूम भी औसत से ज़्यादा रहा,जो एक मज़बूत गिरावट का संकेत है। इंडेक्स ने गुरुवार को एक नया स्विंग लो बनाया और अब यह 22,700 के स्तर से एक प्रतिशत से ज़्यादा दूर है। यह स्तर अप्रैल 2025 के निचले स्तर से जनवरी 2026 के हाई लेवल तक की तेज़ी का 78.6 प्रतिशत फ़िबोनाची रिट्रेसमेंट है। सभी मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुके रहे,जबकि RSI गिरकर 30 से नीचे 29.74 पर आ गया। वहीं,MACD सिग्नल और ज़ीरो लाइन से नीचे बना रहा और हिस्टोग्राम में एक लाल बार दिखाई दिया। ये सभी संकेत बाज़ार में गिरावट का दौर जारी रहने की ओर इशारा करते हैं।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 53,961, 54,176 और 54,524
पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 53,266, 53,052 और 52,704
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 55,280, 56,522
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 53,067, 50,705
कल बैंक निफ्टी ने भी जून 2024 के बाद से अपनी सबसे बड़ी एक-दिन की गिरावट (3.39 प्रतिशत) दर्ज की और एक बड़े गैप-डाउन ओपनिंग के बाद डेली चार्ट पर एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसमें एक लॉन्ग अपर शैडो और एक स्मॉल लोअर शैडो थी। यह काफी बेयरिश दबाव का संकेत है। 20 डे EMA, 200 डे EMA से नीचे गिर गया और 50 डे EMA, 100 डे EMA से नीचे आ गया। इंडेक्स, 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट (मार्च 2025 से फरवरी 2026 के उच्च स्तर तक की रैली का) से निर्णायक रूप से नीचे चला गया और 2026 का एक नया स्विंग लो बनाकर 61.8 प्रतिशत फिबोनाची स्तर के और करीब पहुंच गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने 'सेल' सिग्नल बनाए रखा। यह सब आगे और गिरावट के जोखिम का संकेत है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 19 मार्च को लगातार 15वें सत्र में अपनी बिकवाली जारी रखी और 7,558.19 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने लगातार 17वें दिन अपनी खरीदारी की गति बनाए रखी और 3,863.96 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX गुरुवार को 21.79 प्रतिशत बढ़कर 22.80 पर पहुंच गया जो 9 मार्च के बाद का सबसे ऊंचा क्लोजिंग लेवल है। यह बुल्स के लिए बड़ी सावधानी का संकेत है। बुल्स को ज़्यादा आरामदायक स्थिति में लाने के लिए इसे 18 से नीचे गिरना होगा।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 19 मार्च को गिरकर 0.91 पर आ गया,जबकि पिछले सत्र में यह 1.14 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: SAIL, Sammaan Capital
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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