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Trade setup for today : बाजार खुलने के पहले इन आंकड़ों पर डालें एक नजर, मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में होगी आसानी

Trade setup : निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 19458 और उसके बाद दूसरे बड़े सपोर्ट 19434 और 19395 पर स्थित हैं। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 19537 फिर 19561 और 19,600 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। निफ्टी बैंक के लिए पहला सपोर्ट 44611 और उसके बाद दूसरे बड़े सपोर्ट 44470 और 44242 पर स्थित हैं

Curated By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Aug 07, 2023 पर 8:21 AM
Trade setup for today : बाजार खुलने के पहले इन आंकड़ों पर डालें एक नजर, मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में होगी आसानी
Trade setup: 07 अगस्त को NSE पर 4 स्टॉक्स इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस, गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स (GNFC),हिंदुस्तान कॉपर और पीरामल एंटरप्राइजेज F&O बैन में हैं

Trade setup : 04 अगस्त को निफ्टी 19300 के स्तर पर सपोर्ट लेते हुए फिर से 19500 की तरफ लौटता दिखा। ये हालिया गिरावट के बाद बाजार में आई एक अच्छी रिलीफ रैली थी। लेकिन अब ये देखना होगा कि निफ्टी 19500 के सपोर्ट को बनाए रख पाता है कि नहीं। अगर ऐसा होता है तो फिर निफ्टी 19600-19700 की तरफ जाता दिख सकता है। बाजार जानकारों का कहना है कि जब तक निफ्टी 19800 के ऊपर की मजबूत क्लोजिंग नहीं देता तब तक निफ्टी में नियर टर्म में रेंज बाउंड कारोबार होता दिखेगा। इसके लिए अब 19300-19100 पर सपोर्ट दिख रहा है।

पिछले कारोबारी दिन यानी शुक्रवार 04 अगस्त को निफ्टी50 135 अंक उछलकर 19517 पर बंद हुआ था। इसने एक लॉन्ग बुलिश कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया था। लेकिन काफी हद तक ये पिछले दिन की सीमा के भीतर ही घूमता रहा था। जबकि बीएसई सेंसेक्स 481 अंक उछलकर 65721 पर बंद हुआ था। हमने ब्रॉडर मार्केट में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली थी। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्सों में 0.8 की बढ़ोतरी हुई थी।

एक्सपर्ट की राय

वेव्स स्ट्रैटेजी एडवाइजर्स के संस्थापक और सीईओ सीएमटी आशीष क्याल ने कहा "पिछले हफ्ते का निचला स्तर 19296 पर स्थित है। अगर यह लेवल भी टूट जाता है तो हमें निफ्टी नीचे की तरफ 18838 तक जाता दिख सकता है। निफ्टी अभी एक अहम मोड़ पर है। ऊपर की ओर 19800 तत्काल बाधा है। बाजार की दिशा साफ होने के पहले इस हफ्ते निफ्टी हमें 19290 –19800 की रेंज में घूमता दिख सकता है"। उनका मानना है कि इस दायरे के ऊपर या नीचे किसी भी टूटने से बाजार का रुझान भी उसी तरफ हो जाएगा। ऐसे में रेंजबाउंड कंसोलीडेशन मूवमेंट की उम्मीद करते हुए बाजार में अपनी पोजीशन हल्की रखें और ऑप्शन रणनीति पर फोकस करें।

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