कॉरपोरेट डेट मार्केट का ट्रेड सेटलमेंट मार्च 2023 में वॉल्यूम के लिहाज से 1.73 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इसका पिछले 12 महीनों का सबसे उच्च आंकड़ा है। मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अधिक संख्या में कॉरपोरेट बॉन्ड्स के जारी होने और ट्रेडर्स व निवेशकों की ओर से मार्क-टू मार्केट (MTM) के उद्देश्य से की गई मुनाफावसूली के चलते यह आंकड़ा मार्च महीने में अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। मार्क-टू मार्केट (MTM), एसेट और लायबिलिटीज जैसी उन होल्डिंग्स की सही वैल्यू को मापने का एक तरीका है, जो समय के साथ बढ़ सकती हैं।
SEBI के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2023 में सेटल हुई ट्रेड्स की वैल्यू 1.73 लाख करोड़ रुपये रही। जबकि पिछले साल मार्च 2022 में सेटल हुए ट्रेड्स की वैल्यू 2.11 लाख करोड़ रुपये रही थी। आंकड़ों के मुताबिक, बीएसई और एनएसई पर मार्च 2023 में कुल 25,706 ट्रेड सेटल हुए। वहीं इसके पिछले महीने यह आंकड़ा 17,175 रुपये था।
रॉकफोर्ट फिनकॉर्प (Rockfort Fincorp) के फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर वेंकटकृष्णन श्रीनिवासन ने कहा, "आम तौर पर, मार्च के महीने के दौरान, अधिकतर कॉरपोरेट बॉन्ड जारीकर्ता वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले अपने उधार कार्यक्रम को पूरा करने की कोशिश करते हैं, जिसमें नियामकीय शर्तों को पूरा करने की जरूरत भी शामिल है।"
उन्होंने आगे कहा कि इसके अलावा अधिकतर मार्केट ट्रेडर्स और निवेशकों ने भी MTM के उद्देश्य से मुनाफावसूली की है।
Tipsons के नागेश चौहान ने बताया, "मार्च में अधिक ट्रेड होने के कई कारण थे। इसमें RBI की ओर से ब्याज दरों में उम्मीद से कम बढ़ोतरी, यूरोप और अमेरिका में बैंकिंग संकट, महंगाई दर में नरमी, सेंट्रल बैंकों की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी रोके जाने के संकेत और शॉर्ट-कवरिंग आदि कारण शामिल रहे।"