अमेरिका ने चीन की कंपनी हुवावे (Huawei Technologies)और ZTE द्वारा बनाए गए कम्यूनिकेशंस कलपुर्जों पर बैन लगा दिया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि चीन की इन कंपनियों द्वारा बनाए गए कम्यूनिकेशंस उपकरणों से जासूसी की जा सकती है और यह अमेरिकी की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। बतातें चलें कि यह दोनों कंपनियां अमेरिका की फेडरल कम्यूनिकेशंस कमीशन (FCC) की खतरनाक कंपनियों की सूची में शामिल है।
फेडरल कम्यूनिकेशंस कमीशन सूचि में कई कंपनियां शामिल
इस सूची में शामिल कंपनियों के बनाए गए उपकरणों को अमेरिका की सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक माना गया है। इसके अलावा अमेरिका की FCC चीन की एक और सर्विलांस इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी दाहुआ (Dahua Technology)को भी प्रतिबंधित कंपनियों की सूची में डाल दिया है। FCC की इस सूची में कुछ और चाइनीज कंपनियों भी है इनमें हिकविजन (Hangzhou Hikvision Digital Technology Co) और हायतेरा (Hytera Communications Corp) के नाम शामिल हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका में हाल के वर्षों में चीन की टेलीकॉम कम्यूनिकेशंस और दूसरी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर इलेक्ट्रॉनिक जासूसी करने के आरोप लगे हैं। जिसको ध्यान में रखते हुए FCC ने अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर तमाम चाइनीज कंपनियों को प्रतिबंधित कंपनियों की सूची में डाल दिया है।
बता दें कि अमेरिकी अधिकारी चेतावनी देते रहे हैं कि चीन में बने टेलीकॉम उपकरणों के इस्तेमाल से अमेरिका आर्थिक जासूसी और डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार हो सकता है।
फेडरल गवर्नमेंट की कोशिशों को राज्य सरकारें लगा रही पलीता
इस बीच इस तरह की खबरें आई हैं कि चीन के दूरसंचार उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की अमेरिका की फेडरल गवर्नमेंट की कोशिश को वहां के राज्यों और स्थानीय प्रशासनों ने ही सफल नहीं होने दिया है। कई राज्यों और नगरों के प्रशासन ने उन चीनी उपकरणों की खरीद भी जारी रखी है, जिन्हें संघीय सरकार ने अमेरिकी की सुरक्षा के लिए खतरनाक घोषित कर रखा है। जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सिक्योरिटी एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (सीएसईटी) की एक रिपोर्ट के मुताबिक राज्यों और स्थानीय प्रशासन की 1,681 इकाइयों ने प्रतिबंधित चीनी कंपनियों के टेक्नोलॉजी और सेवाओं की खरीदारी की है।